मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में पुलिस ने गश्त के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक सफल कार्रवाई करते हुए 14 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) ज़ब्त किया है। ज़ब्त की गई इस ड्रग्स की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2,10,000 रुपये बताई जा रही है। इस मामले में एक महिला समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
■ गश्त के दौरान पुलिस को मिली सफलता
16 अक्टूबर तड़के लगभग 03:15 बजे, बांद्रा पुलिस स्टेशन के अपराध प्रकटीकरण दल (Detection Team) के अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक (API) राजेंद्र नांगरे, पुलिस हवलदार माने (बक्कल नं. 031166), वाणी (बक्कल नं. 08.1360), भोगले (बक्कल नं. 08.1709) और गुरव (बक्कल नं. 09.0133) बांद्रा पश्चिम स्थित कुरेशी नगर मैदान, एस. वी. रोड परिसर में गश्त कर रहे थे।
इसी दौरान संदेह के आधार पर कलीम शमीम शेख (उम्र 32 वर्ष) को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास से 14 ग्राम “एमडी” (मेफेड्रोन) नामक मादक पदार्थ बरामद हुआ। पुलिस ने दो पंचों की मौजूदगी में घटनास्थल पर पंचनामा कर ड्रग्स को ज़ब्त कर लिया।


■ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज और मुख्य आरोपी की पूछताछ


बांद्रा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 8(क), 22(ब) और 29 के तहत अपराध क्रमांक 2202/2026 दर्ज कर आरोपी कलीम शमीम शेख को गिरफ्तार कर लिया गया।
सख्ती और विश्वास में लेकर की गई पूछताछ के दौरान आरोपी कलीम ने खुलासा किया कि वह यह मादक पदार्थ नीलोफर संडोले (उम्र 50 वर्ष) और उसके साथी फिरोज शेख उर्फ फिरोज चिकना (उम्र 61 वर्ष) के साथ मिलीभगत कर बेच रहा था।
■ महिला समेत अन्य दो साथियों की गिरफ्तारी
कलीम द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर बांद्रा पुलिस की टीम ने तुरंत बांद्रा पुलिस स्टेशन सीमा में तलाश अभियान चलाया। पुलिस ने दोनों आरोपियों—नीलोफर संडोले और फिरोज शेख उर्फ फिरोज चिकना—को खोज निकाला और उन्हें भी इस अपराध में गिरफ्तार कर लिया।
■ वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन
यह पूरी कार्रवाई निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक अंजाम दी गई:
अभिनव देशमुख (अपर पुलिस आयुक्त, पश्चिम प्रादेशिक विभाग)
डॉ. मोहित कुमार गर्ग (पुलिस उप आयुक्त, पश्चिम परिमंडल-2, मुंबई)
अधिकराव पोल (सहायक पुलिस आयुक्त, बांद्रा विभाग, मुंबई) रविंद्र सालुंखे (वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, बांद्रा पुलिस स्टेशन)
अजय लिंगनूरकर (पुलिस निरीक्षक) तथा अपराध प्रकटीकरण दल के स.पो.नि. राजेंद्र नांगरे और उनकी टीम (पो.ह. माने, वाणी, भोगले और गुरव) ने इस कार्रवाई को पूरा किया।
मामले की आगे की जांच वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक (API) राजेंद्र नांगरे द्वारा की जा रही है।


