■ फैक्ट्री मालिकों, कटाई मशीनरी और किसानों को 16,000 हजार करोड़ का झटका : शंकर ठक्कर।
श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया कि राज्य और कई जिलो में पिछले साल हुई कम बारिश का इस साल गन्ना उत्पादन पर बड़ा असर पड़ा है। ऐसा अनुमान है कि किसानों को गन्ना पेराई से मिलने वाली रकम पर भी 16 हजार करोड़ रुपये का असर पड़ेगा।


चीनी मिलों, गन्ना कटाई प्रणालियों और किसानों को भारी वित्तीय मार का सामना करना पड़ रहा है।महाराष्ट्र के चीनी उद्योग का डंका पूरे देश में है। हालाँकि, ऐसा लगता है कि इस साल स्थिति वैसी नहीं है। क्योंकि जनवरी 2024 से भीषण गर्मी शुरू हो गई थी। पहले बारिश न होने से पानी की कमी से गन्ने का रकबा घट गया। उसके बाद गर्मी के कारण गन्ने की वृद्धि बुरी तरह प्रभावित हुई।हालांकि, जून 2024 में शुरुआत से ही बारिश शुरू हो गई थी।लेकिन चार महीने से अधिक समय से बीच-बीच में लगातार भारी बारिश के कारण गन्ने की वृद्धि रुक गई थी।
गन्ने का रकबा पहले से ही कम था और रकबा पर्याप्त नहीं बढ़ाया गया, इसलिए वजन में भारी कमी देखी गई।*शंकर ठक्कर ने आगे कहा कहीं कम और कहीं अधिक बारिश के कारण गन्ना उत्पादन पर सबसे ज्यादा नुकसान सोलापुर और धाराशिव जिलों को हुआ है। चूँकि गन्ने का उत्पादन बहुत कम था इसलिए मजदूरों को पैसे भी कम मिलते थे। उत्पादन में गिरावट के कारण राज्य में गन्ना उत्पादकों, गन्ना कटाई प्रणालियों और चीनी मिलों पर भारी असर पड़ा है। गन्ना उत्पादकों की तरहआर्थिक मार पड़ी और गन्ना काटने की व्यवस्था में भी पर्याप्त काम नहीं मिला, इसलिए ज्यादा रोजगार नहीं मिला।
● वर्ष छानना राशि
2020— 211013—6432145
2021—221321– 0543313
2022— 231052– 8835531
2023— 241073.l– 0836758
2024— 25847– 7921043
(यह राशि करोड़ों में ओर छानना मीट्रिक टन में है।)


