श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे के विचारों से दूर होने के कारण अब उनकी राजनीतिक पहचान और साख समाप्त हो चुकी है।


नवनाथ बन ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के नाम का इस्तेमाल करने का नैतिक अधिकार संजय राउत को नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना की नींव हिंदुत्व पर रखी गई थी, लेकिन राउत ने सत्ता के लिए उस विचारधारा से समझौता किया।


■ बालासाहेब का नाम लेने का अधिकार नहीं
उन्होंने कहा कि जो लोग अपने मूल विचारों से भटक जाते हैं, उनकी समाज में कोई अहमियत नहीं रह जाती। जनता ने भी यही संदेश देते हुए उद्धव ठाकरे गुट को सत्ता से बाहर कर दिया।
■ गांधी-पवार के साथ जोड़ने का आरोप
बन ने आगे आरोप लगाया कि संजय राउत अब सोनिया गांधी और शरद पवार की विचारधारा के करीब हो गए हैं और वही उनके “राजनीतिक वारिस” बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे के साथ रहकर भी राउत कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं की प्रशंसा करते रहे हैं।
■ प्रियंका चतुर्वेदी पर भी टिप्पणी
भाजपा प्रवक्ता ने प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा नरेंद्र मोदी की सराहना किए जाने पर राउत की प्रतिक्रिया को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से स्पष्ट होता है कि पार्टी के भीतर गुटबाजी है और राउत अलग-थलग पड़ चुके हैं।
■ मतदारसंघ पुनर्रचना पर बयान
नवनाथ बन ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन निर्वाचन आयोग का विषय है और इस पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करना गलत है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता कभी चुनाव नहीं लड़ते, उन्हें मतदारसंघ की चिंता करने का कोई अधिकार नहीं है।


