■ भाजपा पार्षद तेजिंदर सिंह तिवाना के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी; ‘खेलो मुंबई’ ऐप से बुकिंग और जहरीले रबर कणों पर प्रतिबंध की मांग
मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई शहर और उपनगरों में तेजी से बढ़ रहे अनधिकृत और अनियंत्रित आर्टिफिशियल टर्फ तथा बॉक्स क्रिकेट मैदानों को नियमन के दायरे में लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में ‘एडवांस्ड स्मार्ट टर्फ नीति’ लागू करने संबंधी प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है। भाजपा पार्षद एवं स्थायी समिति सदस्य तेजिंदर सिंह तिवाना द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव के मंजूर होने के बाद अब बीएमसी प्रशासन से इस पर कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) पेश करने की मांग की गई है।


■ 1,500 से अधिक टर्फ पर होगी निगरानी
मुंबई में खुले मैदानों की कमी के कारण पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में कृत्रिम टर्फ और बॉक्स क्रिकेट मैदान शुरू हुए हैं। इनकी संख्या 1,500 से अधिक बताई जा रही है। स्पष्ट और एकसमान नियमों के अभाव में इन टर्फ से ध्वनि प्रदूषण, तेज फ्लडलाइट, यातायात की समस्या और स्थानीय निवासियों की परेशानी जैसे मुद्दे सामने आते रहे हैं।


प्रस्ताव के मंजूर होने के बाद अनधिकृत टर्फ संचालकों की मनमानी पर रोक लगाने और इन खेल सुविधाओं को निर्धारित कानूनी एवं प्रशासनिक ढांचे में लाने की दिशा में कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है।
■ ‘खेलो मुंबई’ ऐप से ही होगी बुकिंग
प्रस्ताव में सभी टर्फ के पंजीकरण, ऑनलाइन बुकिंग, अनुमति और राजस्व प्रबंधन को बीएमसी के ‘खेलो मुंबई’ ऐप के माध्यम से संचालित करने की मांग की गई है। इससे बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और नकद लेन-देन पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
■ जहरीले रबर कणों पर प्रतिबंध
टर्फ में इस्तेमाल होने वाले घटिया और संभावित रूप से हानिकारक रबर कणों को लेकर भी प्रस्ताव में चिंता जताई गई है। ऐसे रबर कणों पर प्रतिबंध लगाकर पर्यावरण-अनुकूल और सुरक्षित सामग्री के इस्तेमाल को अनिवार्य करने की मांग की गई है।
■ रूफ नेट और सुरक्षा नियम होंगे जरूरी
आवासीय इलाकों में स्थित टर्फ पर सुरक्षा के लिए रूफ नेट (छत जाल) अनिवार्य करने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा टर्फ की नियमित जांच, अग्निसुरक्षा मानकों का पालन, ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण, फ्लडलाइट से होने वाली परेशानी को कम करने तथा यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम लागू करने की मांग की गई है।
■ खिलाड़ियों की सुविधा और नागरिकों की शांति में संतुलन
प्रस्ताव का उद्देश्य टर्फ को पूरी तरह बंद करना नहीं, बल्कि उन्हें नियमों के दायरे में लाना है। देर रात तक होने वाले शोर, तेज रोशनी और अन्य गतिविधियों के कारण आसपास रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और परिवारों को होने वाली परेशानी को कम करने के साथ ही खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
तेजिंदर सिंह तिवाना ने कहा, “मुंबई को खेलप्रेमी शहर बनाते समय नागरिकों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता। हमारा उद्देश्य टर्फ बंद करना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक और कानूनी ढांचे में लाना है। प्रस्ताव मंजूर होने के बाद अब बीएमसी आयुक्त से इस पर जल्द से जल्द कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने की मांग है।”
अब प्रस्ताव मंजूर होने के बाद मुंबईकरों की नजर इस बात पर है कि बीएमसी प्रशासन ‘एडवांस्ड स्मार्ट टर्फ नीति’ का मसौदा कब तैयार करता है और उसके प्रावधानों को जमीन पर किस तरह लागू किया जाता है।


