■ जीईएम पोर्टल से खरीद की मांग.
मुंबई वार्ता संवाददाता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में व्याप्त भ्रष्टाचार और कथित “कॉन्ट्रैक्टर-मध्यस्थ” व्यवस्था को खत्म करने के लिए बड़ा सुझाव सामने आया है। भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमीत साटम ने महापौर और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर निर्देश देने की मांग की है कि महानगरपालिका को अब कंत्राटदारों के माध्यम से नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के गवर्नमेंट-ई- मार्केट प्लेस (जीईएम) पोर्टल से ही आवश्यक वस्तुओं की खरीद करनी चाहिए।


अमीत साटम का कहना है कि वर्तमान खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की लंबी श्रृंखला के कारण न केवल पारदर्शिता प्रभावित होती है, बल्कि सामान महंगे दामों पर खरीदा जाता है, जिससे सार्वजनिक धन का नुकसान होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से यही व्यवस्था बीएमसी में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।


भाजपा नेता ने पत्र में स्पष्ट किया कि जीईएम पोर्टल के जरिए सीधी खरीद से दरें प्रतिस्पर्धी होंगी, गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से किसी भी प्रकार की हेराफेरी पर रोक लगेगी। इसके साथ ही उन्होंने कुछ योजनाओं में सीधे लाभार्थियों को भुगतान (डायरेक्ट बेनिफिट) का विकल्प अपनाने का भी सुझाव दिया है, ताकि कंत्राटदारों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो सके।
साटम ने कहा कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो बृहन्मुंबई महानगरपालिका में वर्षों से चले आ रहे “कॉन्ट्रैक्टर राज” पर प्रभावी अंकुश लगेगा और नागरिकों के टैक्स का पैसा सही मायने में जनता के हित में खर्च हो सकेगा।अब इस प्रस्ताव पर महापौर और नगर आयुक्त की भूमिका अहम मानी जा रही है। यदि बीएमसी स्तर पर इसे अमल में लाया गया, तो यह देश की सबसे बड़ी महानगरपालिका में खरीद प्रक्रिया सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाएगा।


