मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

आगामी मुंबई नगर निगम चुनावों की पृष्ठभूमि में, राजनीतिक गलियारों में ठाकरे बंधुओं के एक साथ आने की चर्चा थी। बीएमसी चुनावों से पहले, ठाकरे बंधुओं ने बेस्ट पतपेढ़ी चुनाव में एक साथ मिलकर काम किया था। यह ठाकरे बंधुओं के लिए एक कठिन परीक्षा थी। साथ आने के बाद ठाकरे बंधुओं को इस पहली परीक्षा में ही असफलता मिली है।बेस्ट पतपेढ़ी चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं। इस चुनाव में मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना ठाकरे गुट प्रमुख उद्धव ठाकरे का पैनल हार गया है।


इस चुनाव में कुल २१ सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिनमें से ठाकरे बंधुओं का पैनल एक भी सीट नहीं जीत सका।बेस्ट पतपेढ़ी पर पिछले कई वर्षों से ठाकरे की कामगार सेना का शासन था। इसलिए, इस चुनाव में अपनी ताकत दिखाने का उनके लिए एक शानदार मौका था। ठाकरे बंधुओं ने इस चुनाव के लिए मिलकर ‘उत्कर्ष पैनल’ बनाया था। इसलिए, इस चुनाव को लेकर काफी चर्चा हुई थी। हालाँकि, अब इस हार को मनसे और ठाकरे गुट के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।


बेस्ट पतपेढ़ी चुनाव में प्रसाद लाड के मजदूर पैनल के ७ उम्मीदवार जीते, जबकि शशांक राव के पैनल को १४ सीटें मिलीं। भाजपा नेता प्रसाद लाड ने नतीजों के बाद ट्वीट कर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने ठाकरे बंधुओं पर निशाना साधते हुए कहा, “ब्रांड बॉस एक भी सीट नहीं जीत पाए।”आगामी स्थानीय निकाय चुनाव अहम माने जा रहे हैं। ठाकरे बंधु साथ आने के बाद भी जीत नहीं पाए, इससे नके राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।



गलत राजनीति करने का यही प्रभाव होता है