श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई पुलिस ने कालिना-बीकेसी लिंक रोड को क्रेन, वाहनों और अन्य निर्माण सामग्री रखकर बाधित करने के मामले में एक सप्ताह के भीतर निर्माण कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की है। वायरल हुए कई वीडियो के बाद बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) पुलिस ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर और प्रशासनिक प्रमुख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 285 के तहत मामला दर्ज किया है।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा सड़क से अवरोध हटाने के निर्देश दिए जाने और दो लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने के बावजूद कंपनी ने स्थिति सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। इससे पहले दर्ज की गई पहली एफआईआर में केवल क्रेन ऑपरेटर को नामजद किया गया था।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सायन में निर्माण स्थल पर मजदूर की मौत, परिजनों ने जांच की मांग की
एक अन्य घटना में, अप्रैल माह में सीजीएस कॉलोनी, जीटीबी नगर स्थित एक निर्माण परियोजना में कार्यरत 55 वर्षीय मजदूर कलीम शेख की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद सायन अस्पताल में तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब उनके रिश्तेदारों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया।
दिल्ली से पहुंचे मृतक के बेटे ने शनिवार को पोस्टमार्टम के लिए सहमति दी, जिसके बाद परियोजना स्थल के पर्यवेक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
मृतक के भतीजे ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद निर्माण कंपनी के कर्मचारियों ने पहले परिजनों को फोन किया, जबकि एम्बुलेंस या पुलिस को तुरंत सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यदि समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती, तो कलीम शेख की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।


