■ ट्रस्टी की याचिका को किया खारिज.
मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

ठाणे घोड़बंदर रोड ,आनंद नगर बोरीवडे के पास परदेशी बाबा दरगाह और मस्जिद है जिसे मनपा ने तोड़ दिया है। हाईकोर्ट ने दरगाह गिराने को सही ठहराया और इसे अवैध अतिक्रमण बताया है ।


दरगाह के ट्रस्टी शब्बीर ने बताया की रमज़ान महीने में तोड़ने के लिए ठाणे महानगर पालिका के लोग आए थे। दरगाह और मस्जिद की कुछ हिस्से को तोड़ कर मनपा कर्मी चले गए थे लेकिन फिर एकबार तोड़ने की बात सामने आईं है। दरगाह के ट्रस्टी सुप्रीम कोर्ट में स्टे की मांग कर रहे है क्योंकि यह दरगाह 200 वर्ष पुरानी है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने परदेशी बाबा ट्रस्ट की दरगाह को गिराने से रोकने की याचिका खारिज रद्द कर दी और कहा कि यह ढांचा अवैध, अस्वीकृत और वैध स्वामित्व के सबूत के बिना अतिक्रमण कर के बनाया गया है। हाईकोर्ट ने परदेशी बाबा ट्रस्ट की ध्वस्तीकरण आदेश को वापस लेने की याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद ट्रस्ट ने वैधता का दावा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गए।
ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए फिर से हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उसे हाईकोर्ट द्वारा शुरू में ध्वस्तीकरण के निर्देश के बाद उचित कानूनी उपाय अपनाने की अनुमति दी गई थी। ट्रस्ट की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव पाटिल ने एक पुनर्प्रकाशित ठाणे गजट का हवाला देते हुए तर्क दिया कि दरगाह 1882 की है। फिलहाल ट्रस्ट के लोग एकबार फिर से यानी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में नए कागजात पेश करने वाले हैं ताकि दरगाह और मस्जिद को तोड़ने से रोका जा सके।
परदेशी बाबा दरगाह मस्जिद के सेवक ने बताया कि यह दरगाह और मस्जिद 200 वर्ष पुरानी है जो पहले लोहे की टीन यानी पत्रों से बनी थी। टीन शेड को हटाकर दो मंजिला पक्का इमारत तैयार कर लिया गया है ।कुछ दीवार भी बनाई गई थी जिसे ठाणे महानगर पालिका के लोगों ने तोड़ दिया।


