मुंबई वार्ता संवाददाता

पिछले तीन दशकों से बोरीवली में फेरीवालों की समस्या से लोग परेशान थे. फेरीवालों को हटाने की स्थानीय भाजपा विधायक संजय उपाध्याय की कोशिशों से फेरीवालों के आका काफी नाराज हो गए हैं उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है.


बोरीवली पश्चिम में फेरीवालों को हटाने के लिए विधायक संजय उपाध्याय ने मुहिम चलाई है. कुछ दिन पहले उन्होंने बोरीवली पश्चिम में स्टेशन के ठीक सामने फुटपाथ पर जनसंपर्क करना शुरू किया. जब पुलिस उनसे पूछताछ करने पहुंची तो उन्होंने कहा कि, ” जब तक फेरीवालों से फुटपाथ मुक्त नहीं हो जाते, मैं भी फुटपाथ पर ही लोगों से संपर्क करूँगा.” संजय उपाध्याय की मांग को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बोरीवली स्टेशन के आसपास से फेरीवालों को पूरी तरह हटा दिया है.
सोमवार को कुछ फेरीवाले विधायक संजय उपाध्याय को मिलने उनके कार्यालय पहुंचे. संजय उपाध्याय ने स्पष्ट शब्दों में उन्हें किसी भी प्रकार की मदद करने से इंकार कर दिया. थोड़ी देर बाद ही उत्तर प्रदेश के एक दबंग नेता का उनके मोबाइल पर कॉल आया. नेताजी ने उत्तर प्रदेश से उत्तर भारतीय फेरीवालों के लिए फोन कर मदद की गुहार लगाई. इन नेताजी को यह भी नहीं मालूम होगा कि चंद फेरीवालों की वज़ह से हज़ारों की संख्या में रह रहे स्थानीय एवं यात्रियों को कितनी समस्या होती है ?
संजय उपाध्याय के कार्यालयीन सूत्रों से मालूम हुआ कि कुछ दिन पहले ही किसी और माननीय महोदय ने संजय उपाध्याय की पत्नी से मुलाकात कर उन्हें दबे शब्दों में प्यार से यह कह कर डराया कि,” फेरीवालों की गैंग बड़ी खतरनाक है. संजय भाई को समझाइए और फेरीवालों से उलझने से रोकिए. “हालांकि प्रेम पूर्ण दी गई इस धमकी के ख़िलाफ़ कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है.


