मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

गुजरात के सक्करबाग चिड़ियाघर से 26 जनवरी को शेरों का एक जोड़ा बोरीवली स्थित संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान लाया गया। इस बीच, शेर के जोड़े के बदले संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान सक्करबाग चिड़ियाघर को बाघों का एक जोड़ा देगा।
संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में शेर सफारी और बाघ सफारी सबसे लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण हैं। गुजरात से लाए गए शेरों का जोड़ा ‘मानस’ और ‘मानसी’ इस लायन सफारी में लोकप्रिय हो गए हैं।कुछ दिन पहले मानसी ने एक बेटे को जन्म दिया। शेरों का यह जोड़ा २०२२ में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में प्रवेश करेगा। इस बीच, पार्क में लाया गया नया शेर जोड़ा तीन साल का है। इस जोड़े को फिलहाल निगरानी कक्ष में रखा गया है। उन्हें कुछ ही दिनों में शेर सफारी में छोड़ दिया जाएगा।
२००९ में, रविन्द्र और शोभा नामक शेरों की एक जोड़ी को संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में लाया गया था। शोभा नामक शेरनी ने २०११ में दो मादा और एक नर शावक को जन्म दिया था। ‘छोटी शोभा, जेसपा और गोपा इस जोड़ी की स्टार हैं। शेरों का यह परिवार कई वर्षों से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। शोभा का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो गया। फिर २०२१ में गोपा की मृत्यु हो गई। रवींद्र और जेसपा का भी २०२२ में निधन हो गया।
इस बीच, 2022 में ‘मानस’ और ‘मानसी’ की जोड़ी को गुजरात से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान लाया गया। कुछ दिन पहले इस दम्पति ने एक बच्चे को जन्म दिया। अब संजय राष्ट्रीय उद्यान में शेरों की कुल संख्या 5 हो गई है।


