भगवान ‘शिव’ को दिया नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब।

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मुंबई वार्ता/सतीश सोनी/जयपुर

हिंदी फिल्म ‘ओ माय गॉड’ में भगवान को नोटिस देकर जवाब मांगने का दृश्य तो हम सब ने देखा, लेकिन फिल्मों से बाहर वास्तविकता में ही भगवान को सरकार अवैध अतिक्रमण का नोटिस थमा दे और भगवान से 7 दिन में जवाब मांगे तो कहानी बड़ी अजीब सी लगती है. वैशाली नगर में सड़क चौड़ीकरण के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने एक हैरान करने वाला कदम उठाया है.

जेडीए ने मकान-दुकानों के साथ-साथ अतिक्रमण मानकर भगवान शिव मंदिर को भी नोटिस जारी कर दिया है. आश्चर्य की बात यह है कि नोटिस सीधे भगवान शिव मंदिर के नाम से ही मंदिर की दीवार पर चस्पा किया गया है, जिसमें 7 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है. इस घटना के बाद इलाके में यह चर्चा गर्म है कि इस नोटिस का जवाब या मंदिर के दस्तावेज कौन पेश करेगा, क्योंकि नोटिस भगवान शिव के नाम से है. उधर, मामला सुर्खियों में आया तो जेडीए के आला अधिकारी मामले का एग्जामिनेशन करने की बात कर रहे हैं.


■ 7 दिन में मंगा जवाब : 

जेडीए प्रवर्तन शाखा ने नोटिस में हाईकोर्ट के पिटीशन संख्या 658/2024 में पारित आदेश और उपायुक्त जोन 7 से प्राप्त पीटी सर्वे रिपोर्ट का हवाला दिया है. नोटिस के अनुसार, मंदिर की बाउंड्रीवाल को सड़क सीमा में 1.59 मीटर तक का अतिक्रमण माना गया है. स्थानीय निवासी उम्मेद सिंह चौधरी कहते हैं कि जेडीए ने गांधी पथ को 100 फीट चौड़ा करने के लिए 21 नवंबर को 70 दुकान-मकान मालिकों को भी नोटिस दिए थे. इसमें भगवान को सरकार अवैध अतिक्रमण का नोटिस चस्पा कर और भगवान से 7 दिन में जवाब मांगा है. अब आखिर इस नोटिस का जवाब कौन देगा ?


उन्होंने कहा कि अगर जेडीए सही से नापजोख करे तो मंदिर की कोई भी सीमा अतिक्रमण में नहीं है, क्योंकि पहले से ही सही नापजोख के साथ में यह मंदिर और उसकी बाउंड्री बनाई गई है. मंदिर में नियमित आने वाले स्थानीय निवासी मनोहर सिंह चौहान ने कहा कि जब मंदिर बनाया गया था तो यह जमीन भी जेडीए ने ही आमंत्रित की थी और पूरे नापजोख के साथ में इसका निर्माण किया गया था. जेडीए ने गलत तरीके से इसका नापजोख किया है. इस पर फिर से विचार करना चाहिए.

■ सड़क को चौड़ा करने के लिए कार्रवाई : 

जेडीए की ओर से यहां सड़क को 100 फीट चौड़ा करने की योजना के तहत यह कार्रवाई की जा रही है. जेडीए नोटिस प्रक्रिया के अनुसार 7 दिन के भीतर जवाब या दस्तावेज नहीं मिलने पर स्थल को अतिक्रमण मानकर कार्रवाई की जा सकती है. जेडीए में विजिलेंस शाखा के प्रमुख उपमहानिरीक्षक राहुल कोटोकी ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर यहां जोन 7 के ईओ की ओर से नोटिस दिए जा रहे हैं. जिस निर्माण को अतिक्रमण के रूप में चिह्नित करते हुए नोटिस दिया गया है, वहां मौके पर शिव मंदिर बताया जा रहा है. ऐसे में पूरे मामले को एग्जामिन कराया जा रहा है।

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