श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बोरीवली विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के नव निर्वाचित विधायक संजय उपाध्याय को एक बार फिर धमकी मिली है।


भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने कहा, “डाकिया ने कल मेरे कार्यालय में एक पत्र दिया, जिसमें प्रेषक का नाम ‘संजय पत्रकार’ बताया गया। पत्र मुझे सचेत करने के लिए भेजा गया था। जिसने भी मुझे यह पत्र भेजा, मैं उसका आभारी हूं।इसमें कुछ नामों का उल्लेख है और कहा गया है कि वे मुझ पर और मेरे सहयोगी सुशील सिंह पर हमला करने की योजना बना रहे हैं। मैंने इसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के ध्यान में लाया और पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है।”


उन्होंने कहा कि, “बजट सत्र के दौरान मुझ पर हमला करने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने उसी वक्त कार्रवाई की थी।एक बार, एक पत्रकार मेरा साक्षात्कार ले रहा था। इसके तुरंत बाद पत्रकार को धमकी देते हुए कहा गया, ‘तुम उसकी बाइट क्यों ले रहे थे? हम तुम्हें और उसे दोनों को मार डालेंगे’… धमकी देने की यह अब तीसरी घटना है।”
संजय उपाध्याय ने कहा कि, “अगर किसी को लगता है कि मैं धमकी सुनकर अपने काम से पीछे हट जाऊंगा, तो मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि अब इससे और कड़ाई से निपटा जाएगा। मैंने मुंबई पुलिस कमिश्नर को एक पत्र भेजा है और जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मिलकर उन्हें इस घटना और पिछली घटनाओं की पूरी जानकारी प्रदान करूंगा।”
ज्ञात हो कि संजय उपाध्याय ने बोरीवली इलाके में फेरीवालों की दादागिरी को पूरी तरह खत्म कर दिया है। इस इलाके में फेरीवालों की दादागिरी इस कदर बढ़ गई थी कि बोरीवली पश्चिम स्थित अदालत में जाने के लिए जगह नहीं बची थी और अदालत के न्यायाधीश को भी गाड़ी रास्ते पर छोड़कर पैदल अदालत में जाना पड़ता था। राजनीतिक प्रश्रय के कारण बोरीवली पश्चिम स्थित पुलिस थाने का एक गेट बंद कर वहां फेरीवालों ने कब्जा कर लिया था। संजय उपाध्याय की कोशिशों के कारण बोरीवली को फेरीवालों से मुक्त कराया जा सका है और यह अन्य इलाकों के राजनीतिज्ञ के लिए एक उदाहरण बन गया है। एक तरफ पूरी मुंबई के निवासी फेरीवालों की समस्या पर त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और जहां तहां संजय उपाध्याय की तारीफ करते नहीं थकते है वहीं दूसरी तरफ फेरीवाला माफिया विधायक तक को धमकाने से पीछे नहीं हट रहा है।



संजय उपाध्याय एक निर्भीक और बहादुर विधायक हैं। इस तरह की धमकियों का उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा