■ 2 उत्तर भारतीय मजदूरों की मौत का मामला।
श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

‘गरीब के जान की कोई कीमत नहीं’- इस कहावत को चरितार्थ करते हुए भायखला में हबीब बिल्डिंग दुर्घटना मामले में मारे गए दो जवान उत्तर भारतीय मजदूरों के मामले में पुलिस बिल्डर को छू भी नहीं रही हैं। इस मामले में बिल्डर सुपारीवाला को पुलिस ने कथित रूप से क्लीन-चिट दे दिया है।


ज्ञात हो कि 15 नवंबर को भायखला के टैंक पाखडी रोड के पास हबीब बिल्डिंग के रीडेवलपमेंट काम के दौरान पाईलिंग काम करते समय 5 मजदूर मिट्टी में फंस गए थे।राजू, राहुल दुबे, सज्जाद अली, शौकत अली और लाल मोहम्मद बगुल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर राजू और राहुल दुबे को मृत घोषित किया गया।


इस मामले में पुलिस ने जांच में पाया कि इमारत बाँधकाम के दौरान मजदूरों के सुरक्षा इंतजाम में लापरवाही बरती गई थी। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने अभियंता अफजल शेख और साइट सुपरवाइजर मोहम्मद शाहिद अगवान को गिरफ्तार कर लिया।
इस दुर्घटना को हुए 11 दिन बीत गए हैं लेकिन इस मामले में लापरवाही के लिए जिम्मेदार मुख्य आरोपी बिल्डर इब्राहिम जुसाब सुपारीवाला का नाम पुलिस ने एफआईआर में दर्ज नहीं किया है।
इस मामले पर जोन 3 के पुलिस उपायुक्त कृष्णकांत उपाध्याय ने कहा कि, ” मामले की अभी भी जांच जारी है। प्रथम दृष्टा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आगे भी अगर कोई दुर्घटना के लिए जिम्मेदार पाया गया तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस विभाग ने बिल्डर सुपारीवाला को क्लीन चिट देने का मन बना लिया है। बिल्डर ने स्टैम्प पेपर पर पीछे की तारीख में ठेकेदार से एक एग्रीमेंट बनवा कर पुलिस को दिया है और स्वयं को निर्दोष साबित करने का पूरा बंदोबस्त कर लिया है। इसीलिए इस एग्रीमेंट की जांच किए बगैर ही पुलिस ने आनन-फानन में बिल्डर को बचाने का निर्णय लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अग्रिपाड़ा पुलिस ने बिल्डर से रू 5 लाख की रिश्वत लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया है।


