■ कोर्ट के स्टे के बावजूद वेरिफिकेशन
■ मनपा अधिकारियों का बिल्डर को कथित सहयोग
मुंबई वार्ता संवाददाता

दक्षिण मुंबई के भायखला इलाके में बीएमसी की किराये की संपत्ति “666 टेनामेंट कंपाउंड” को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बापूराव जगताप मार्ग, दगडी चाल के पास स्थित इस परिसर में करीब 350 किरायेदार रहते हैं, जिसमें चाल, सात इमारतें और कुछ झोपड़ियां शामिल हैं।


मामले के अनुसार, किंगजल डेवलपर ने वर्ष 2021 में यहां के किरायेदारों से पुनर्विकास के लिए सहमति (कंसेंट) प्राप्त की थी। हालांकि, डेवलपर का आरोप है कि NDW Real Estate Ventures LLP ने कथित रूप से धोखाधड़ी कर किरायेदारों को बहला-फुसलाकर अपने पक्ष में नई सहमति हासिल कर ली।


इस विवाद को लेकर किंगजल डेवलपर ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका और बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के बाद अदालत ने 16 जून 2025 को मामले में मौखिक रूप से स्थगन (स्टे) आदेश दिया था।


आरोप है कि कोर्ट के इस स्टे के बावजूद NDW रियल एस्टेट वेंचर्स (LLP) ने बीएमसी की कथित मिलीभगत से दोबारा किरायेदारों की इन्वेंट्री और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे अदालत की अवमानना माना जा रहा है।


इस संबंध में जब बीएमसी के सहायक आयुक्त (एस्टेट) पृथ्वीराज चव्हाण से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उनके पास अदालत के आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कहा, “आप आदेश की कॉपी उपलब्ध कराएं, तभी मैं इस पर कुछ कह सकूंगा।”फिलहाल, यह मामला कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।


