● दारू के लाइसेंस चुनिंदा कंपनियों को देने के पीछे पुणे के पालक मंत्री का हित संबंध; Conflict of Intrest को देखते हुए उनसे उत्पादन शुल्क मंत्रालय वापस लिया जाए.
मुंबई वार्ता संवाददाता

भारतीय जनता पार्टी के पास ५६ इंच की छाती वाला चमत्कारी नेतृत्व होने का दावा किया जाता है और वे खुद को सबसे बड़ा दल बताते हैं, लेकिन यह दावा खोखला है। भाजपा अपने ही कार्यकर्ताओं को अवसर देने के बजाय, दूसरे दलों के नेताओं और पदाधिकारियों पर दबाव बनाकर, धमकी देकर उन्हें पार्टी में शामिल कर रही है। भाजपा एक “चुड़ैल” बन चुकी है, जिसे अन्य दलों के नेताओं को “खा जाने” की बीमारी लग चुकी है — ऐसा तीखा आरोप महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने लगाया है।


पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए सपकाल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं की नहीं, विचारों की पार्टी है। कांग्रेस सबको साथ लेकर चलने वाला दल है। कोई व्यक्ति पार्टी छोड़ता है, तो उससे पार्टी की ताकत कम नहीं होती। पुणे जिले में कांग्रेस का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा, लेकिन आनेवाले समय में इसमें निश्चित सुधार होगा। जो लोग पार्टी छोड़ने का मन बना लेते हैं, उन्हें कोई भी नहीं रोक सकता। कांग्रेस ने जिन लोगों को विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री बनाया, वे भी पार्टी छोड़ गए। ऐसे लोग आज कह रहे हैं कि उनके साथ अन्याय हुआ, लेकिन अब तो कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी कह रहे हैं कि काश हमारे साथ भी ऐसा ही अन्याय होता! जो लोग कांग्रेस छोड़ गए हैं, उन्हें जनता और कार्यकर्ता खुद सवाल पूछेंगे।
राज्य में शराब दुकानों के लाइसेंस चुनिंदा कंपनियों को देने के मामले में बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इसके पीछे पुणे के पालक मंत्री का हाथ है, जो उत्पादन शुल्क मंत्री भी हैं। ‘टँगो’ नामक ब्रँड किसका है, यह सबको पता है। इसमें स्पष्ट रूप से हितसंबंध (Conflict of Interest) दिखाई देता है। इसलिए उनसे उत्पादन शुल्क मंत्रालय तुरंत वापस लिया जाना चाहिए ।
□ हर्षवर्धन सपकाल ने तिलक परिवार से की भेंट
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पुणे में तिलक परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डॉ. दीपक तिलक के निधन से समाज और शिक्षा क्षेत्र का एक मार्गदर्शक व्यक्तित्व हमने खो दिया है। तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ की प्रगति और ‘केसरी’ अख़बार के माध्यम से सामाजिक चेतना निर्माण में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान रहा। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष (संगठन व प्रशासन) एड. गणेश पाटील और पुणे शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद शिंदे भी मौजूद थे।


