कृष्ण गोपाल सिंह/मुंबई वार्ता

भिवंडी महानगरपालिका (मनपा) द्वारा कल्याण रोड चौड़ीकरण की कार्रवाई को लेकर बुधवार तड़के बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सड़क चौड़ीकरण के लिए सुबह करीब 4 बजे 36 मीटर की मोज-माप और मार्किंग शुरू की गई, जिसका स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और संपत्ति मालिकों ने तीखा विरोध किया। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।मनपा प्रशासन डीपी प्लान के तहत शहर की प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य कर रहा है।


अंजुरफाटा से कल्याण रोड तक चौड़ीकरण के बाद अब कल्याण नाका से टेमघर के बीच सड़क को चौड़ा करने की तैयारी है। इसी क्रम में पुलिस सुरक्षा के बीच तड़के मोज-माप की गई। कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए करीब 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।मोज-माप की जानकारी मिलते ही प्रभावित नागरिक और संपत्ति मालिक मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी शादाब उस्मानी, राम लहारे, पूर्व नगरसेवक दीन मोहम्मद और पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे भी कल्याण नाका क्षेत्र में पहुंचे तथा मनपा अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई।


मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस आयुक्त डॉ. विजय मराठे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। तब तक सड़क के अधिकांश हिस्से में मोज-माप और चिह्नांकन का कार्य पूरा किया जा चुका था।कल्याण रोड दुकानदार एवं रहिवासी संघर्ष समिति के राम लहारे ने आरोप लगाया कि संपत्ति मालिकों की गैरमौजूदगी में चोरी-छिपे सीमांकन किया गया है, जो मसौदा विकास योजना के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।उधर, मनपा आयुक्त अनमोल सागर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी संपत्ति मालिक को अंधेरे में नहीं रखेगा। अगले चरण में संपत्तियों का सर्वेक्षण पूरा कर कानूनी नोटिस जारी किए जाएंगे, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।


