मुंबई वार्ता/संवाददाता

विधानसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत में भारी घोटाला होने से जनभावनाएं काफी तीव्र हो गयी हैं. वोटों में 7.83 फीसदी की बढ़ोतरी पर कई हलकों से संदेह जताया जा रहा है. चुनाव आयोग द्वारा जारी मतदान आंकड़ों के मुताबिक, मतदान के दिन शाम पांच बजे के बाद मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगी होंगी। राज्य के कितने निर्वाचन क्षेत्रों में शाम 5 बजे के बाद मतदाताओं की लंबी कतारें थीं? कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर मांग की है कि चुनाव आयोग वीडियो फुटेज के साथ सबूत भी जारी करे.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे पत्र में नाना पटोले ने आगे कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 20 नवंबर को रात 11.30 बजे तक 65.2% मतदान दर्ज किया गया था. अगले दिन यानी 21 नवंबर को दोपहर 3 बजे जारी आधिकारिक आंकड़ा 66.05% था. खुद चुनाव आयोग द्वारा आधिकारिक तौर पर जारी आंकड़ों में 1.03% की विसंगति कहां से आ गई? एक दिन में कैसे बढ़े 9 लाख 99 हजार 359 वोट? वोटों के प्रतिशत में अंतर को देखते हुए यह गंभीर और चिंताजनक लगता है. वोटों की इस बढ़ोतरी को लेकर अगर जनता के मन में संदेह पैदा हो तो उसे दूर करना चुनाव आयोग का कर्तव्य है.
पत्र में कहा गया है कि चुनाव आयोग को खुद आगे आकर सबूतों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और लोगों के मन में मौजूद शंकाओं का संतोषजनक जवाब देना चाहिए.


