महात्मा ज्योतिबा फुले के समग्र वाङ्मय का सात भाषाओं में होगा अनुवाद: आशीष शेलार।

Date:

मुंबई वार्ता संवाददाता


महात्मा ज्योतिबा फुले की द्विशताब्दी जयंती वर्ष के अवसर पर महाराष्ट्र सरकार उनके समग्र वाङ्मय का सात भाषाओं में अनुवाद कराएगी। यह घोषणा राज्य के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने गुरुवार को मुंबई में की।


उन्होंने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले का समग्र वाङ्मय हिंदी, सिंधी, गुजराती, संस्कृत, तेलुगु, बंगाली और गोर बंजारा भाषाओं में अनुवादित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए महाराष्ट्र सरकार आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी।


■ साहित्यिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का प्रयास


महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग के अंतर्गत हिंदी, सिंधी, गुजराती, संस्कृत, तेलुगु, बंगाली और गोर बंजारा भाषाओं के लिए साहित्य अकादमियां कार्यरत हैं। इन अकादमियों के माध्यम से साहित्यिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रभादेवी स्थित पु. ल. देशपांडे महाराष्ट्र कला अकादमी में एक दिवसीय अनुवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया।


कार्यशाला का उद्घाटन सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार ने किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मराठी की उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियों का विभिन्न भाषाओं में तथा अन्य भाषाओं की श्रेष्ठ साहित्यिक रचनाओं का मराठी में अनुवाद करने को प्रोत्साहित करना है।

■ ‘भाषाओं के बीच साहित्य का आदान-प्रदान जरूरी’
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री शेलार ने कहा कि मराठी भाषा के श्रेष्ठ साहित्य को दूसरी भाषाओं तक पहुंचना चाहिए और अन्य भारतीय भाषाओं का उत्कृष्ट साहित्य भी मराठी में उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा को समृद्ध बनाने के लिए विभिन्न भाषाओं के बीच साहित्यिक आदान-प्रदान महत्वपूर्ण है।


उन्होंने कहा कि इस वर्ष महात्मा ज्योतिबा फुले की द्विशताब्दी जयंती का वर्ष है और भारत सरकार तथा महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी का हिस्सा बनाते हुए महात्मा ज्योतिबा फुले के वाङ्मय का सात भाषाओं में अनुवाद कराने का निर्णय लिया गया है।

■ 861 पृष्ठों के समग्र वाङ्मय का होगा अनुवाद


इस परियोजना के तहत महात्मा ज्योतिबा फुले चरित्र साधन प्रकाशन समिति द्वारा वर्ष 2012 में प्रकाशित ‘महात्मा ज्योतिबा फुले समग्र वाङ्मय’ नामक 861 पृष्ठों के ग्रंथ का सात भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा।
मंत्री शेलार ने कहा कि इस कार्य के लिए सरकार की ओर से आवश्यक सभी प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।


■ अनुवादकों और साहित्यकारों ने लिया हिस्सा


कार्यशाला में प्रसिद्ध लेखिका मंजिरी धामणकर, डॉ. शीतला प्रसाद दुबे, अजित मन्याल, आलोक सिंह, प्रशांत वर्मा तथा अकादमी के सचिव सचिन निंबालकर सहित विभिन्न भाषाओं के अनुवादक और साहित्य के जानकार शामिल हुए। कार्यशाला में विभिन्न भारतीय भाषाओं के साहित्य के आदान-प्रदान और अनुवाद से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related