मुंबई वार्ता संवाददाता

NEET परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में मुंबई में हुए आंदोलन के दौरान पुलिस की गाड़ी रोकने वाली युवा रिया अहिर को सोशल मीडिया पर लगातार मिल रही धमकियों के मामले में मुंबई यूथ कांग्रेस ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की भी मांग की है।


इसी मुद्दे को लेकर मुंबई यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष ज़ीनत शबरीन के नेतृत्व में राष्ट्रीय महासचिव सुरभी द्विवेदी, एडवोकेट ऋषभ रंजन और हरगुन सिंह के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को पुलिस सह-आयुक्त से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनकारी युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों तथा महिला कंटेंट क्रिएटर्स को सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों का मुद्दा पुलिस के सामने रखा।


मुलाकात के बाद ज़ीनत शबरीन ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग रिया अहिर और NEET आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की है। उन्होंने कहा कि मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए आंदोलन के दौरान रिया अहिर युवाओं की आवाज बनकर सामने आई थीं। सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसे वापस लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि “रिया अहिर के खिलाफ दर्ज एफआईआर और छात्रों के खिलाफ दर्ज अन्य सभी एफआईआर वापस ली जाएं। साथ ही रिया को दी जा रही धमकियों का पुलिस संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे।”
■ रिया अहिर को सोशल मीडिया पर धमकियों का आरोप
यूथ कांग्रेस के मुताबिक, 27 वर्षीय रिया अहिर पिछले करीब छह वर्षों से अभिनय और मॉडलिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। NEET आंदोलन के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार धमकियां मिलने का आरोप है। रिया ने कथित तौर पर 25 तारीख को साइबर क्राइम विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की बात कही गई है।
ज़ीनत शबरीन ने कहा कि रिया अहिर के अलावा मुस्कान कन्नौजिया जैसी महिला कंटेंट क्रिएटर्स को भी सोशल मीडिया पर बलात्कार की धमकियां और ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई और मुकदमा चलाने की मांग की।
■ पुलिस ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
ज़ीनत शबरीन के अनुसार, सह-पुलिस आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि रिया अहिर और अन्य महिलाओं को धमकी देने वाले लोगों की पहचान की जाएगी तथा कानून के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई यूथ कांग्रेस ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा की जानी चाहिए। साथ ही सोशल मीडिया पर महिलाओं को धमकी देने और उनका ऑनलाइन उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन से दोनों मुद्दों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।


