मुंबई वार्ता संवाददाता

डोंगरी पुलिस ने साइबर ठगी के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ उपलब्ध कराने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई में अब तक करीब 50 लाख रुपये का मुद्देमाल जब्त किया गया है। जांच के दौरान जब्त किए गए 110 बैंक खातों में से 17 खातों की जानकारी संबंधित बैंकों से प्राप्त हुई है। इन खातों से देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 38 साइबर अपराधों और शिकायतों का संबंध सामने आया है।


पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों की व्यवस्था करने वाला यह नेटवर्क जरूरतमंद लोगों को मामूली आर्थिक लाभ का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों की बैंक पासबुक, डेबिट कार्ड, सिम कार्ड और अन्य बैंकिंग साधनों को अपने कब्जे में लेकर उनका इस्तेमाल साइबर अपराधों में होने वाले आर्थिक लेन-देन के लिए किया जाता था।


इस मामले में डोंगरी पुलिस थाने में गुन्हा रजिस्टर क्रमांक 510/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
■ तीन आरोपी गिरफ्तार
गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने मुंबई में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
● निखिल कमलकुमार जसवानी, उम्र 28 वर्ष, निवासी पिपरिया, जिला होशंगाबाद, मध्य प्रदेश।
● राहुल श्यामलाल परवानी, उम्र 32 वर्ष, निवासी मध्य प्रदेश।
● जय बिहारीलाल तीरथानी, उम्र 26 वर्ष, निवासी कटनी, मध्य प्रदेश।
जांच में अब तक पांच अन्य वांछित आरोपियों की जानकारी सामने आई है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इसके अलावा तीन महिलाओं को भी जांच के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।
42 बैंक पासबुक, 60 डेबिट कार्ड और 36 सिम कार्ड बरामद
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने बड़ी मात्रा में बैंकिंग और डिजिटल सामग्री जब्त की है। इसमें 42 बैंक पासबुक, 60 डेबिट कार्ड, 36 सिम कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 9 टैबलेट और 12 बैंक किट सहित अन्य सामग्री शामिल है। जब्त मुद्देमाल की कुल अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस विश्लेषण से नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और आर्थिक लेन-देन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है।
■ 110 बैंक खातों की जांच, 38 साइबर अपराधों से संबंध
जांच में कुल 110 बैंक खातों का पता चला है। इनमें से 17 बैंक खातों की जानकारी संबंधित बैंकों से प्राप्त कर पुलिस ने उनके आर्थिक लेन-देन की पड़ताल की। उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों की जानकारी का मिलान करने पर अब तक 38 साइबर अपराधों/शिकायतों का संबंध इन खातों से सामने आया है।
इन मामलों का संबंध महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, गुजरात, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों से सामने आया है। इससे स्पष्ट है कि डोंगरी पुलिस की जांच अब मुंबई तक सीमित न रहकर देश के कई राज्यों तक पहुंच गई है।
■ 17 बैंक खातों में 225.45 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि
पुलिस की प्राथमिक जांच में 17 बैंक खातों में करीब 225 करोड़ 45 लाख रुपये की आर्थिक गतिविधियों का पता चला है। यह लेन-देन लगभग डेढ़ से दो महीने की अवधि में हुआ बताया गया है। इन खातों में हुए संदिग्ध आर्थिक व्यवहार का साइबर अपराधों से संबंध तलाशने के लिए पुलिस ने गहन आर्थिक जांच शुरू की है।
पुलिस ने गोपनीय जानकारी के संकलन, तकनीकी जांच, बैंक लेन-देन की निगरानी, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और प्रत्यक्ष कार्रवाई के समन्वय के जरिए इस अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंच बनाई।
■ नागरिकों से पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के आर्थिक लालच में आकर अपना बैंक खाता, पासबुक, डेबिट कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें।
यदि अपने बैंक खाते में कोई संदिग्ध या अनजान लेन-देन दिखाई देता है, तो तत्काल संबंधित बैंक से संपर्क करें और पुलिस को इसकी सूचना दें। पुलिस ने नागरिकों से डिजिटल और आर्थिक व्यवहार में सावधानी बरतने तथा अपने बैंकिंग साधनों की जिम्मेदारी स्वयं लेने का आह्वान किया है।
सह पुलिस आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) मनोज कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेश बालकवडे, पुलिस उपायुक्त मनीष केलवेनिया, सहायक पुलिस आयुक्त तन्वीर शेख के निर्देशानुसार उक्त कार्रवाई डोंगरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सागर टिडेकर की टीम ने की है।


