■ भाजपा और मुख्यमंत्री फडणवीस पर साधा निशाना; पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मुंबई वार्ता संवाददाता

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा विद्यार्थियों के सवालों और समस्याओं को लेकर शुरू किए गए देशव्यापी अभियान ‘छात्रों की गूंज’ का महाराष्ट्र में चौथा कार्यक्रम 22 अगस्त को पुणे में आयोजित किया जाएगा। पुणे के SSPM मैदान में होने वाले इस कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्राओं से संवाद करेंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी का बंद कार्यक्रम नहीं, बल्कि सभी के लिए खुला कार्यक्रम है।


सपकाल ने कहा कि राजस्थान के कोटा से शुरू हुए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत देहरादून और प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। राजमाता जिजाऊ की पुण्यभूमि और क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की कर्मभूमि रहे पुणे में छात्राओं के लिए विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।


कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के बाद कांग्रेस नेताओं ने SSPM मैदान में पत्रकार परिषद आयोजित की। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं CWC सदस्य बालासाहेब थोरात, विधान परिषद में विपक्ष के नेता सतेज उर्फ बंटी पाटील, AICC सचिव रेहाना चिश्ती, मनोज त्यागी, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन जोशी, पूर्व मंत्री रमेश बागवे, वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे, पुणे शहर जिला कांग्रेस (पूर्व) अध्यक्ष प्रशांत जगताप और पश्चिम अध्यक्ष दीप्ति चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
■ ‘पेपर लीक का ग्रहण लगा है’
हर्षवर्धन सपकाल ने केंद्र की भाजपा सरकार पर शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 के बाद से बहुजनों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET, TET और न्यायालयों में भर्ती जैसी विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में 154 बार पेपर लीक हुए हैं। सपकाल ने कहा कि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने का प्रस्ताव दिया, लेकिन सरकार ने चर्चा से बचने का रास्ता अपनाया।
उनके मुताबिक, परीक्षा और शिक्षा एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों की समस्याओं को सामने लाने के उद्देश्य से ही राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया है।
■ ‘भाजपा को हर जगह राहुल गांधी ही दिखाई दे रहे हैं’
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की आलोचना किए जाने पर सपकाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को विद्यार्थियों और युवाओं से मिल रहे व्यापक समर्थन के कारण भाजपा और मुख्यमंत्री असहज हैं।
सपकाल ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के Gen Z के साथ हुए कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वह सीमित लोगों के लिए आयोजित कार्यक्रम था। इसके विपरीत ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम सभी के लिए खुला है।
उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री या भाजपा किसी व्यक्ति को कार्यक्रम में भेजना चाहते हैं तो वे भेज सकते हैं। सपकाल ने फडणवीस की बारकोड संबंधी टिप्पणी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उच्च शिक्षित हैं, इसलिए उनसे ऐसी तकनीकी जानकारी की अपेक्षा की जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं से मिल रहे समर्थन से भाजपा चिंतित है और इसी कारण उसे ‘तिरंगा यात्रा’ निकालने की जरूरत महसूस हुई।
■ ‘RSS की शाखाओं में वंदे मातरम् गाना शुरू करें’
वंदे मातरम् को लेकर भी हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा और RSS पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में जिन लोगों का कोई योगदान नहीं रहा, उन्हें कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं है।
सपकाल ने दावा किया कि RSS ने अपने कार्यालय पर लंबे समय तक तिरंगा नहीं फहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले 90 वर्षों से वंदे मातरम् गाती आ रही है।
उन्होंने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुभाषचंद्र बोस, सरदार पटेल, पंडित जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी से जुड़ी स्वतंत्रता आंदोलन की परंपरा में जिस वंदे मातरम् को अपनाया और गाया गया, कांग्रेस उसी परंपरा का पालन करती रहेगी।
सपकाल ने RSS से अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपनी शाखाओं में भी वंदे मातरम् का गायन शुरू करना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि 22 अगस्त को पुणे में होने वाला ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने सवाल सीधे राहुल गांधी के सामने रखने का अवसर देगा और शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद का मंच बनेगा।


