■ लोककलावंतों की मांगों पर 15 दिनों में बैठक कर निर्णय लेने का सांस्कृतिक कार्य मंत्री का आश्वासन
मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित हो रहे लोककला महोत्सवों को अब राज्य के सभी विभागों तक विस्तारित किया जाएगा। आने वाले समय में महाराष्ट्र के प्रत्येक विभाग में भव्य स्तर पर लोककला महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। यह घोषणा सांस्कृतिक कार्य मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार ने सोमवार को मुंबई में की।


अखिल भारतीय लोककलावंत और मराठी तमाशा परिषद, महाराष्ट्र राज्य की ओर से पद्मश्री रघुवीर खेडकर का सम्मान मुंबई के रवींद्र नाट्य मंदिर में मंत्री आशिष शेलार के हाथों किया गया। इस अवसर पर लोककलावंतों की ओर से मंत्री शेलार का भी सम्मान किया गया।


कार्यक्रम में लोककला अध्येता प्रकाश खांडगे उपस्थित थे, जबकि कार्यक्रम का आयोजन तमाशा परिषद के अध्यक्ष संभाजीराजे जाधव की पहल पर किया गया। इस दौरान वसंतराव जगताप, खंडूराज गायकवाड़, गणेश चंदनशिवे, आविष्कार मुळे, शेषराव गोपाल, सुनील वाडेकर सहित महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से आए बड़ी संख्या में लोककलावंत मौजूद रहे।


■ मानधन योजना में फर्जी कलाकारों की जांच की मांग
कार्यक्रम के दौरान तमाशा परिषद की ओर से सरकार के सामने लोककलावंतों से जुड़ी विभिन्न मांगें रखी गईं। इनमें ‘राजर्षी शाहू महाराज ज्येष्ठ साहित्यिक व कलाकार मानधन सम्मान योजना’ की जांच और छंटनी प्रमुख मांग रही।
लोककलावंतों ने कहा कि मानधन योजना में कुछ कथित फर्जी कलाकारों के शामिल होने की शिकायतें हैं। इसलिए सरकार को एक समिति गठित कर योजना में शामिल लाभार्थियों की जांच करनी चाहिए और पात्र कलाकारों को ही इसका लाभ सुनिश्चित करना चाहिए।
■ पठ्ठेबापूराव के नाम पर मरणोपरांत पुरस्कार की मांग
तमाशा परिषद ने लोककला के दिवंगत कलाकारों को सम्मानित करने के लिए पठ्ठेबापूराव के नाम से मरणोपरांत पुरस्कार योजना शुरू करने की मांग भी की। परिषद का कहना है कि लोककला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दिवंगत कलाकारों को मरणोपरांत सम्मान मिलना चाहिए।
इसके अलावा विठाबाई नारायणगांवकर स्मारक का काम जल्द पूरा करने की मांग भी मंत्री के सामने रखी गई।
■ तमाशा और संगीतबारी को लेकर भी मांग
लोककलावंतों ने ढोलकी फड़ के तमाशा और संगीतबारी के संबंध में नियुक्त अध्ययन समूह की रिपोर्ट के आधार पर जल्द शासन निर्णय जारी करने की मांग की।वहीं, बुलढाणा सहित कुछ जिलों में तमाशा कार्यक्रमों को पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। परिषद ने सरकार से संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की, ताकि लोककलाओं के कार्यक्रमों को अनावश्यक रूप से अनुमति संबंधी अड़चनों का सामना न करना पड़े।
■ 15 दिनों में बैठक का आश्वासन
लोककलावंतों की विभिन्न मांगों का संज्ञान लेते हुए मंत्री आशिष शेलार ने कहा कि इन मुद्दों पर अगले 15 दिनों में बैठक आयोजित कर चर्चा की जाएगी और उचित निर्णय लिया जाएगा।
मंत्री शेलार ने अपने संबोधन में महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला परंपरा और उसे जीवित रखने में लोककलावंतों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य की लोककलाओं को व्यापक मंच उपलब्ध कराने और लोककलावंतों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस घोषणा से तमाशा, संगीतबारी और अन्य पारंपरिक लोककलाओं से जुड़े कलाकारों को राज्य के विभिन्न हिस्सों में अपनी कला प्रस्तुत करने के अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।


