■ श्रम मंत्री आकाश फुंडकर के प्रयास सफल; 1 जनवरी से 30 जून 2026 तक संशोधित वेतन लागू करने के निर्देश
मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में बीड़ी कामगारों के लंबे समय से लंबित न्यूनतम वेतन का मुद्दा आखिरकार सुलझ गया है। श्रम मंत्री एडवोकेट आकाश फुंडकर के लगातार प्रयासों और पहल के बाद राज्य सरकार ने बीड़ी कामगारों के संशोधित न्यूनतम वेतन की सख्ती से लागू करने के साथ-साथ वेतन के अंतर और बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 की पहली अनुसूची में शामिल तंबाकू (बीड़ी निर्माण सहित) वस्तु निर्माण के अनुसूचित उद्योग से संबंधित है।
श्रमिक और मालिक संगठनों के साथ हुई बैठकें


बीड़ी कामगारों के लंबित न्यूनतम वेतन को लेकर विभिन्न श्रमिक और मालिक संगठनों की ओर से सरकार को ज्ञापन दिए गए थे। इनका संज्ञान लेते हुए श्रम मंत्री आकाश फुंडकर की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं।


2 जून 2026 को हुई अंतिम बैठक में मंत्री ने दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों को विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय स्तर के सचिव अनिल डुमणे ने इस मामले में पहल करते हुए ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (सोलापुर), महाराष्ट्र बीड़ी उद्योग संघ (पुणे), लाल बावटा बीड़ी कामगार यूनियन (सीटू-सोलापुर) और महाराष्ट्र राज्य बीड़ी कामगार संघ (पुणे) की ओर से भी ज्ञापन श्रम आयुक्त के माध्यम से सरकार को प्राप्त हुए।
■ कानूनी राय के बाद रास्ता साफ
इन ज्ञापनों के आधार पर संबंधित बैठकों में उपसचिव दीपक पोकळे ने भी आवश्यक कार्यवाही की। बीड़ी कामगारों के न्यूनतम वेतन के पुनर्निर्धारण और लागू दरों को लेकर विधि एवं न्याय विभाग से राय मांगी गई।
विभाग ने स्पष्ट किया कि 10 नवंबर 2014 की अधिसूचना के तहत घोषित न्यूनतम वेतन दरें वर्तमान में भी लागू हैं और इनके क्रियान्वयन पर कोई कानूनी रोक नहीं है।
इसलिए इन वेतन दरों को लागू करने में अब कोई कानूनी बाधा नहीं है। सक्षम अधिकारियों को इन दरों की कड़ाई से अमल करने तथा बकाया वेतन और वेतन अंतर की वसूली की कार्रवाई शुरू करने की सलाह दी गई।
■ 1 जनवरी से लागू होगा संशोधित वेतन
विधि एवं न्याय विभाग की राय के आधार पर राज्य सरकार ने 3 अगस्त 2026 को श्रम आयुक्त को पत्र जारी कर 1 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए महंगाई भत्ते सहित संशोधित न्यूनतम वेतन को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अनुसार:
क्षेत्र
मूल वेतन
महंगाई भत्ता
कुल दैनिक वेतन
परिमंडल-1 – सभी महानगरपालिका क्षेत्र
₹210
₹169
₹379
परिमंडल-2 – महानगरपालिका क्षेत्र को छोड़कर अन्य क्षेत्र
₹192
₹169
₹361
ये दरें 1,000 बीड़ियां बनाने/वळने वाले कामगारों के लिए प्रतिदिन लागू होंगी।
■ बकाया राशि की वसूली भी होगी
सरकार ने केवल संशोधित न्यूनतम वेतन लागू करने के निर्देश ही नहीं दिए हैं, बल्कि वेतन के अंतर और लंबित बकाया राशि की वसूली की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू करने को कहा है।
इस फैसले से महाराष्ट्र के हजारों बीड़ी कामगारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से लंबित न्यूनतम वेतन के मामले में सरकार के इस कदम का श्रमिक संगठनों और बीड़ी कामगारों की ओर से स्वागत किया जा रहा है।


