मुंबई एयर कार्गो से नाइजीरिया भेजी जा रही 2 लाख नशीली गोलियां जब्त, अंबरनाथ में चल रही थी अवैध फैक्ट्री।

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श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता


■ DRI की बड़ी कार्रवाई में 1 लाख ट्रामाडोल और 1 लाख टैपेंटाडोल टैबलेट बरामद; मशीनरी व कच्चा माल भी जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स से नाइजीरिया भेजी जा रही 2 लाख प्रतिबंधित/नियंत्रित दवाओं की गोलियां जब्त कर एक संगठित अवैध ड्रग निर्माण और निर्यात नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान 1 लाख ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट और 1 लाख टैपेंटाडोल टैबलेट बरामद की गईं। मामले में निर्यातक समेत तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।


DRI अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई करीब एक सप्ताह तक चले खुफिया-आधारित अभियान के बाद की गई। जांच में सामने आया कि एक संगठित गिरोह कथित तौर पर ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड का गुप्त रूप से निर्माण कर उसे अफ्रीकी देशों में अवैध तरीके से निर्यात कर रहा था।

■ प्रेगाबालिन के नाम पर भेजी जा रही थी खेप


2 अगस्त को DRI अधिकारियों ने खुफिया सूचना के आधार पर मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में नाइजीरिया जाने वाली एक निर्यात खेप को रोका। दस्तावेजों में इस खेप में Pregabalin Capsules-300 mg होने की घोषणा की गई थी।


लेकिन विस्तृत जांच के दौरान अधिकारियों को खेप के अंदर छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में दूसरी दवाएं मिलीं।

■ तलाशी में:

1 लाख ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट (250 mg) — लगभग 25 किलोग्राम
1 लाख टैपेंटाडोल टैबलेट (200 mg) — लगभग 20 किलोग्राम

बरामद की गईं। DRI के मुताबिक इन गोलियों को जानबूझकर निर्यात खेप के अंदर छिपाया गया था।


■ अंबरनाथ में बनाई जा रही थीं ट्रामाडोल की गोलियां


खेप पकड़े जाने के बाद DRI ने तेजी से जांच आगे बढ़ाई। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि ट्रामाडोल की गोलियां अंबरनाथ स्थित एक फैक्ट्री में गुप्त रूप से तैयार की जा रही थीं।


निर्माण के बाद इन गोलियों को पहचान छिपाने के लिए सादे कार्टन में पैक किया जाता था। इसके बाद खेप को मुंबई एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के पास स्थित एक गोदाम में ले जाया जाता था, जहां इन्हें दोबारा सफेद बोरी/गनी बैग में पैक कर नाइजीरिया भेजने की तैयारी की जाती थी।


■ फैक्ट्री से मशीनरी और कच्चा माल जब्त


जांच के दौरान DRI अधिकारियों ने निर्यातक, निर्माता, आपूर्तिकर्ता, ट्रांसपोर्टर और गोदाम से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली।
अंबरनाथ की कथित निर्माण इकाई की तलाशी में टैबलेट बनाने वाली कम्प्रेशन मशीनरी के अलावा मनोदैहिक पदार्थों के अवैध निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले बड़ी मात्रा में कच्चे माल को भी जब्त किया गया।

■ तीन प्रमुख आरोपी गिरफ्तार


पूरी कार्रवाई के बाद DRI ने गिरोह के तीन प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें कथित तौर पर:

IEC धारक/निर्यातक
सप्लायर-कम-कोऑर्डिनेटर
ट्रामाडोल टैबलेट का कथित अवैध निर्माता शामिल हैं।
DRI अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, धन के लेन-देन और अवैध दवाओं की आपूर्ति एवं निर्यात श्रृंखला की जांच कर रही है।

■ ट्रामाडोल और टैपेंटाडोल पर कड़े नियंत्रण


ट्रामाडोल और टैपेंटाडोल सिंथेटिक ओपिओइड दर्द निवारक दवाएं हैं, जिनका इस्तेमाल चिकित्सकीय निगरानी में मध्यम से गंभीर दर्द के उपचार के लिए किया जाता है। इनके दुरुपयोग और निर्भरता की संभावना को देखते हुए इन पर कड़े नियामकीय नियंत्रण हैं।


ट्रामाडोल को NDPS अधिनियम के तहत मनोदैहिक पदार्थ के रूप में अधिसूचित किया गया है। वहीं, टैपेंटाडोल फिलहाल NDPS अधिनियम की अनुसूची में शामिल नहीं है, लेकिन यह ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और उसके तहत बनाए गए नियमों के अंतर्गत कड़ाई से नियंत्रित है।


DRI के अनुसार, इन दवाओं का अवैध निर्माण, डायवर्जन और तस्करी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और ऐसी गतिविधियां अक्सर संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ी होती हैं।

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