मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

बृहन्मुंबई महानगरपालिका के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र महापौर परिषद की 23वीं बैठक मुंबई के अंधेरी (पश्चिम) स्थित स्थानीयराज भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुंबई की महापौर रितू तावड़े ने की।


इस अवसर पर रितू तावड़े ने कहा कि राज्य में स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनावों के बाद जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनसेवा फिर से शुरू हुई है और जनता की अपेक्षाएं काफी बढ़ गई हैं। इन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी महापौरों पर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिषद के माध्यम से शासन के साथ समन्वय स्थापित कर जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।


बैठक में नागपुर की महापौर नीता ठाकरे को सर्वसम्मति से महाराष्ट्र महापौर परिषद का उपाध्यक्ष चुना गया। यह पद एक वर्ष के लिए रहेगा।
कार्यक्रम में ठाणे, मीरा-भाईंदर, वसई-विरार, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी-निजामपुर, धुले, अमरावती, इचलकरंजी, कोल्हापुर, जालना, परभणी और नांदेड-वाघाळा सहित विभिन्न शहरों के महापौर उपस्थित रहे।
परिषद के कार्याध्यक्ष रणजीत चव्हाण ने बताया कि महाराष्ट्र महापौर परिषद की स्थापना वर्ष 2012 में हुई थी और अब तक 22 बैठकों में 101 प्रस्ताव पारित किए जा चुके हैं, जिनमें से कई प्रस्ताव सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए हैं, जबकि कुछ लंबित हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि परिषद राज्य के महापौरों को एक साझा मंच प्रदान करती है, जिसके माध्यम से उनके अधिकारों और शहरों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाता है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महापौरों के बीच बेहतर समन्वय के लिए संवाद प्रणाली विकसित की जाएगी और भविष्य में नियमित बैठकों का आयोजन किया जाएगा।


