महाराष्ट्र में पांच वर्षों में 36,211 कंपनियां बंद, औद्योगिक नीति विफल: हर्षवर्धन सपकाल।

Date:

भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और सत्ताधारियों की गुंडागर्दी से उद्योगों का पलायन; कृषि महामंडल की 1,500 एकड़ जमीन निजी कंपनी को देने का फैसला रद्द करने की मांग

मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भाजपा महायुति सरकार पर राज्य के औद्योगिक विकास को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा लाखों करोड़ रुपये के निवेश और लाखों रोजगार पैदा करने के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वित्तीय वर्षों में महाराष्ट्र की 36,211 निजी कंपनियां बंद हुई हैं, जिनमें मुंबई की 12,181 कंपनियां शामिल हैं।

सपकाल ने कहा कि भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और सत्ताधारियों के करीबी लोगों की कथित गुंडागर्दी के कारण राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल नहीं बचा है। इसके चलते कई उद्योग बंद हो रहे हैं या दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई-पुणे-नाशिक औद्योगिक पट्टे में कंपनियों के बंद होने का आंकड़ा विशेष रूप से चिंताजनक है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के अनुसार, केंद्रीय कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से राज्य में बंद हुई कंपनियों की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सरकार के अपने आंकड़े ही उसकी औद्योगिक नीति की वास्तविक स्थिति सामने ला रहे हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इसे स्वीकार करने के बजाय ‘डिफंक्ट कंपनियां’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर वास्तविकता को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।

सपकाल ने सवाल उठाया कि यदि राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है और लाखों रोजगार पैदा हुए हैं, तो बेरोजगार युवाओं की संख्या लगातार क्यों बढ़ रही है? उन्होंने कहा कि सरकार के दावों के बावजूद जनता के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि निवेश कहां हुआ और रोजगार कहां पैदा हुआ?

1,500 एकड़ जमीन निजी कंपनी को देने पर सवाल

सपकाल ने अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर तालुका में कृषि महामंडल की 1,500 एकड़ जमीन ‘निबे ग्रुप’ नामक निजी कंपनी को 50 वर्षों के पट्टे पर गैर-कृषि उपयोग के लिए देने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जमीन एक मंत्री के करीबी व्यक्ति की कंपनी को बिना निविदा प्रक्रिया के दी गई है, जो भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि राज्य में जमीनें निजी व्यावसायिक संस्थाओं को दी जा रही हैं, लेकिन इन जमीनों पर अपेक्षित उद्योग स्थापित नहीं हो रहे और न ही पर्याप्त रोजगार पैदा हो रहा है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मुंबई की जमीनों के बाद अब सरकार की नजर ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों पर है। उन्होंने गडचिरोली में जमीनों को खनन माफिया के हवाले किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब अहिल्यानगर की जमीन भी निजी हाथों में सौंपी जा रही है।

सपकाल ने कहा कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के नाम पर जमीनों के आवंटन और कथित भ्रष्टाचार में लगी हुई है। उन्होंने महायुति सरकार से अहिल्यानगर में कृषि महामंडल की 1,500 एकड़ जमीन निजी कंपनी को देने का फैसला तत्काल रद्द करने की मांग की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

मुंबई में पथ विक्रेता योजना लागू करने की तैयारी तेज, 31 अगस्त तक QR पहचान-पत्र वितरण; महापौर रितू तावडे के निर्देश।

श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता महाराष्ट्र सरकार द्वारा पथ विक्रेता योजना...

कोंकणी माता मंदिर को तोड़ने की तैयारी का विरोध, पात्रता तय कर जल्द दर्शन के लिए खोलने का आश्वासन।

मुंबई वार्ता संवाददाता कोंकणी पाड़ा, कुरार गांव स्थित प्राचीन...