महाराष्ट्र विधानसभा में मछुआरों की सुविधाओं और स्वच्छता प्रबंधन का मुद्दा उठा, मनोरी-गोराई के विकास की मांग।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र विधानसभा में बोलते हुए विधायक संजय उपाध्याय ने मत्स्य व्यवसाय और स्वच्छता प्रबंधन जैसे दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि मुंबई केवल देश की आर्थिक राजधानी ही नहीं, बल्कि कोली संस्कृति और पारंपरिक मछुआरा समुदाय से जुड़ी एक महत्वपूर्ण नगरी भी है।

विधानसभा में उन्होंने बताया कि बोरिवली विधानसभा क्षेत्र के मनोरी और गोराई इलाके में बड़ी संख्या में पारंपरिक मछुआरा समाज निवास करता है, लेकिन आज भी यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है। इस गंभीर स्थिति की ओर उन्होंने सदन का ध्यान दिलाया।

उन्होंने मांग की कि मनोरी और गोराई क्षेत्र में आधुनिक फिशिंग जेट्टी, फिश लैंडिंग सेंटर, कोल्ड स्टोरेज और आइस प्लांट स्थापित किए जाएं। साथ ही मछुआरा महिलाओं के लिए स्वच्छ और आधुनिक फिश मार्केट का निर्माण किया जाए। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां सीफूड मार्केट या कोली फूड स्ट्रीट विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें।

समुद्र में मछुआरों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि कई मछली पकड़ने वाली नौकाएं बिना आधुनिक तकनीक के समुद्र में जाती हैं, जो जोखिम भरा है। इसलिए प्रत्येक नाव में जीपीएस, ट्रैकिंग सिस्टम और वीएचएफ रेडियो जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

इसके साथ ही मनोरी और गोराई कोलीवाड़ों के लिए विशेष विकास योजना लागू करने, सड़क, पानी, स्वच्छता, आवास और जेट्टी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। मछुआरों के लिए जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा योजना, मछली पकड़ने वाली नौकाओं पर अनुदान तथा मछुआरों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना लागू करने का भी प्रस्ताव रखा गया।

स्वच्छता प्रबंधन के विषय पर बोलते हुए संजय उपाध्याय ने विदेशों में लागू सफल योजनाओं का उल्लेख किया और महाराष्ट्र में भी आधुनिक उपाय अपनाने की जरूरत बताई। इसमें स्मार्ट सेंसर युक्त कचरापेटियां, घर-घर कचरा पृथक्करण की अनिवार्यता, प्लास्टिक वापस देने वाले नागरिकों को प्रोत्साहन देने वाली “रिवॉर्ड फॉर क्लीननेस” योजना, समुद्र तटों के लिए बीच मैनेजमेंट सिस्टम और नागरिकों की शिकायतों के लिए “स्वच्छ महाराष्ट्र” मोबाइल ऐप शुरू करने का सुझाव दिया गया।

उन्होंने कहा कि मुंबई का विकास केवल ऊंची इमारतों से नहीं मापा जा सकता। समुद्र से जुड़े मछुआरा समुदाय का विकास और आधुनिक स्वच्छता व्यवस्था की प्रभावी अमलबजावनी ही मुंबई और महाराष्ट्र को वास्तव में प्रगत और आदर्श बना सकती है। इसलिए सरकार को मनोरी और गोराई समेत मुंबई के सभी मछुआरों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्वच्छता प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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