मुंबई वार्ता संवाददाता

आकाश फुंडकर ने कहा है कि राज्य सरकार मजदूरों की लंबित समस्याओं को सुलझाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। खासकर ठेका (कंत्राटी) कामगारों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘हरियाणा पैटर्न’ का अध्ययन करने हेतु जल्द ही एक अध्ययन समूह गठित किया जाएगा।


यह जानकारी उन्होंने वांद्रे स्थित कामगार आयुक्त कार्यालय पर निकाले गए ‘कामगार आक्रोश मोर्चा’ के बाद दी। यह मोर्चा भारतीय मजदूर संघ (महाराष्ट्र प्रदेश) की ओर से आयोजित किया गया था, जिसका नेतृत्व प्रदेशाध्यक्ष अनिल ढुमणे ने किया।


मंत्री ने कहा कि महानगरपालिकाओं और विभिन्न मंडलों में कार्यरत ठेका श्रमिकों के शोषण को रोकने के लिए हरियाणा राज्य की तर्ज पर नीति लागू करने पर विचार किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही अध्ययन समूह बनाया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा गार्डों की भर्ती प्रक्रिया में श्रमिकों के हित में तत्काल सुधार किए जाएंगे। घरेलू कामगारों की मांग के अनुसार उनकी आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
इसके अलावा, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के माध्यम से हर जिले में अस्पताल और MIDC क्षेत्रों में डिस्पेंसरी शुरू करने के लिए क्षेत्रीय समितियां गठित की जाएंगी।
सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने हेतु ऑनलाइन प्रक्रिया को सरकारी पहचान पत्र से जोड़ दिया है, जिससे वास्तविक लाभार्थियों को फायदा मिलेगा। बीड़ी श्रमिकों के न्यूनतम वेतन को लेकर मालिकों और यूनियनों की संयुक्त बैठक भी बुलाई जाएगी।
मंत्री ने कहा कि नए चारों लेबर कोड्स पर श्रमिक संगठनों के सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और मंत्रालय स्तर पर अलग-अलग बैठकों के जरिए सभी मुद्दों का समाधान किया जाएगा।


