श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शिवसेना प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से उनके निवास ‘मातोश्री’ पर मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। सपकाल ने बताया कि महाविकास आघाड़ी के तीनों दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई थी। हालांकि, विधान परिषद चुनाव को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।


मीडिया से बातचीत में सपकाल ने कहा कि राज्यसभा चुनाव कांग्रेस को लड़ना चाहिए, जबकि महाविकास आघाड़ी का चेहरा होने के नाते उद्धव ठाकरे को विधान परिषद चुनाव लड़ना चाहिए।


इस दौरान सपकाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के समर्थन पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि गांधी हत्या का समर्थन करना भारतीय संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने जैन मुनि के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि अहिंसा जैन धर्म का मूल सिद्धांत है और इस प्रकार का बयान उसी के विपरीत है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गांधी हत्या मामले में सभी कानूनी दस्तावेज, जैसे कपूर आयोग की रिपोर्ट और अदालत के फैसले, स्पष्ट रूप से उपलब्ध हैं।
वरली में भाजपा के मोर्चे को लेकर भी सपकाल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल आयोजकों पर कार्रवाई करना उचित नहीं है, बल्कि इसमें शामिल मंत्रियों पर भी मामला दर्ज होना चाहिए, क्योंकि इस मोर्चे से भारी ट्रैफिक जाम हुआ था। साथ ही, इस मुद्दे पर आवाज उठाने वाली महिला का वीडियो साझा करने के बाद पत्रकारों को कथित रूप से दी गई धमकियों की भी उन्होंने निंदा की।
शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा ‘शिवाजी कौन था?’ पुस्तक के प्रकाशक प्रशांत आंबी को दी गई धमकी को सपकाल ने बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि “पानसरे जैसा हाल करेंगे” जैसी धमकी सीधे तौर पर जान से मारने की चेतावनी है। उन्होंने मांग की कि प्रकाशक को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए।
सपकाल ने यह भी कहा कि कॉमरेड गोविंद पानसरे की हत्या मामले में संजय गायकवाड़ की संभावित भूमिका की जांच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा कराई जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने गायकवाड़ के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई की मांग की।


