मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

राज्य सरकार के १५० दिवसीय कार्यक्रम के तहत गृह विभाग समेत सभी सरकारी विभागों में बची हुई नियुक्तियां अभियान मोड (मिशन मोड) में की जाएंगी। आवास नीति में पुलिस को प्राथमिकता दी जाएगी, ऐसी जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान परिषद को दी।प्रश्नकाल के दौरान सुनील शिंदे ने इस संबंध में सवाल उठाया।


मुंबई में ५१,३०८ स्वीकृत पुलिस पद हैं। इनमें से 12,899 पद खाली हैं। खाली पदों के कारण पुलिस का कार्यभार बढ़ रहा है। वर्ष २०२२ से जून २०२५ तक ड्यूटी पर तैनात ४२७ पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की हार्ट अटैक से मौत हुई है। इस दौरान 25 पुलिसकर्मियों ने आत्महत्या की है। अत्यधिक तनाव के कारण 75 पुलिसकर्मियों की हार्ट अटैक से मौत हुई है, यह सवाल सुनील शिंदे ने उठाया।
इस चर्चा में विपक्षी नेता अंबादास दानवे, भाई जगताप, प्रवीण द्रईकर, सतेज पाटिल आदि ने भाग लिया। पुलिस पर काम का बोझ कम करने के लिए मुंबई में पुलिस के काम के घंटे घटाकर आठ घंटे कर दिए गए हैं। त्योहारों और बंद के दौरान काम के घंटे बढ़ जाते हैं। एक सप्ताह की छुट्टी दी जाती है, पुलिस पर भारी तनाव के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। इसलिए ४० वर्ष से अधिक उम्र के पुलिस अधिकारियों की साल में एक बार और ५० वर्ष से अधिक उम्र के पुलिस अधिकारियों की साल में दो बार स्वास्थ्य जांच की जाती है। इससे होने वाली बीमारियों का इलाज किया जा रहा है।
४० प्रकार की बीमारियों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। इसके लिए राज्य के 270 अस्पतालों के साथ समझौते किए गए हैं। टाटा मेमोरियल और ए. के. मेहता के साथ मिलकर कैंसर जांच शिविर आयोजित किए गए हैं,मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा।


