मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में चॉलों में रहने वाले वाहन मालिकों को पार्किंग की समस्या के कारण होने वाली नो-पार्किंग कार्रवाई से राहत मिल सकती है। चॉल परिसरों में वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध नहीं होने की समस्या को देखते हुए मुंबई महानगरपालिका में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आया है।


मुंबई के पुराने चॉल क्षेत्रों में संकरी गलियां, सीमित खुली जगह और बढ़ती वाहन संख्या के कारण वाहन पार्क करना बड़ी चुनौती बन गया है। कई चॉलों में नियोजित पार्किंग की सुविधा नहीं होने के कारण रहवासियों को अपने वाहन सड़क किनारे या चॉल के आसपास खड़े करने पड़ते हैं। ऐसे में यातायात नियमों के तहत कार्रवाई होने पर वाहन मालिकों को जुर्माना भरना पड़ता है।
प्रस्ताव में चॉल क्षेत्रों की जमीनी स्थिति और वहां उपलब्ध पार्किंग की वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए पार्किंग व्यवस्था में राहत देने पर विचार किया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि जिन चॉल निवासियों के पास अपने वाहन खड़े करने के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध नहीं है, उन्हें केवल मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़ा करने के कारण दंडित न किया जाए।
■ पुरानी चॉलों में पार्किंग की गंभीर समस्या
मुंबई में पार्किंग की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। महानगरपालिका के आंकड़ों के अनुसार, शहर में 48 हजार से अधिक वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध है, जबकि वाहनों की संख्या इसके मुकाबले कई गुना अधिक है। इस वजह से सड़क किनारे अवैध पार्किंग की समस्या लगातार बनी रहती है।
पुरानी चॉलों में स्थिति और भी गंभीर है। इन इलाकों का निर्माण उस समय हुआ था, जब निजी वाहनों की संख्या बेहद कम थी। इसलिए चॉलों की मूल संरचना में आज की जरूरत के अनुरूप पार्किंग की व्यवस्था नहीं है।
■ नो-पार्किंग कार्रवाई पर उठे सवाल
महानगरपालिका की पार्किंग नीति के तहत अनधिकृत स्थानों पर वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं, चॉल निवासियों का कहना है कि जब उनके परिसर में पार्किंग की सुविधा ही नहीं है, तो वे वाहन कहां खड़ा करें। ऐसे में नियमों का पालन करने के लि
ए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
मुंबई में पार्किंग व्यवस्था सुधारने के लिए पहले भी विभिन्न उपाय किए गए हैं। महानगरपालिका ने ऑन-स्ट्रीट और ऑफ-स्ट्रीट पार्किंग की व्यवस्था विकसित की है, लेकिन उपलब्ध क्षमता शहर की कुल वाहन संख्या की तुलना में काफी कम है।
■ प्रस्ताव मंजूर हुआ तो हजारों चॉल परिवारों को राहत
महानगरपालिका में रखे गए प्रस्ताव पर आगे निर्णय होने के बाद चॉल क्षेत्रों में पार्किंग को लेकर नई व्यवस्था या विशेष नियम लागू किए जा सकते हैं। इससे उन परिवारों को राहत मिलने की संभावना है, जो पार्किंग सुविधा के अभाव में मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़ा करते हैं।
हालांकि, प्रस्ताव अभी अंतिम निर्णय नहीं है। इसके लागू होने के लिए महानगरपालिका स्तर पर आवश्यक मंजूरी और नियमों में बदलाव की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इस प्रस्ताव के जरिए मूल सवाल यही है कि चॉल निवासियों से पार्किंग नियमों का पालन कराने से पहले उन्हें वैकल्पिक पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जाए। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो मुंबई की पुरानी चॉल बस्तियों में रहने वाले हजारों वाहन मालिकों को नो-पार्किंग कार्रवाई और जुर्माने से राहत मिल सकती है।


