मुंबई के सर जेजे महानगर ब्लड बैंक का लाइसेंस निलंबित, गंभीर अनियमितताओं पर FDA की बड़ी कार्रवाई।

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मुंबई वार्ता संवाददाता


मुंबई के एकमात्र सरकारी संचालित स्वतंत्र ब्लड बैंक सर जेजे महानगर ब्लड बैंक का लाइसेंस और संचालन खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई रक्त के भंडारण, रखरखाव, गुणवत्ता नियंत्रण और बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन से जुड़े नियमों के गंभीर उल्लंघन के आरोपों के बाद की गई।


FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि रक्त जीवनरक्षक संसाधन है और इसके संग्रह, प्रसंस्करण तथा वितरण में गुणवत्ता, सुरक्षा और पारदर्शिता के सर्वोच्च मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्तदाताओं और मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


साल 2008 में सर जेजे अस्पताल परिसर में स्थापित यह ब्लड बैंक स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (SBTC) के अधीन संचालित होता है। FDA और सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने 22 से 24 जून तक संयुक्त निरीक्षण किया, जिसके बाद 24 जून से ब्लड बैंक को सील कर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।


SBTC के निदेशक डॉ. सुहास मोहंलकर ने कहा कि जब तक ब्लड बैंक सभी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं करता, तब तक उसका लाइसेंस बहाल नहीं किया जाएगा।


वहीं, सर जेजे अस्पताल के डीन डॉ. अजय भंडारवार ने कहा कि ब्लड बैंक का अस्पताल से केवल परिसर का संबंध है। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लड बैंक रक्तदान शिविरों में जेजे अस्पताल के नाम का उपयोग करता है, जिससे अस्पताल के मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता प्रभावित होती है।


जांच के दौरान FDA को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इनमें रक्त को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित न रखना, रक्त का निजी संस्थाओं को स्थानांतरण, एक्सपायर्ड रक्त उत्पादों के निपटान में नियमों का उल्लंघन, खराब मशीनरी, रक्त घटक निर्माण विभाग में आवश्यक स्टरलाइजेशन व्यवस्था का अभाव तथा जैव-खतरनाक अपशिष्ट (बायोमेडिकल वेस्ट) के प्रबंधन में गंभीर खामियां शामिल हैं।


ब्लड बैंक के एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि 18 वर्ष पुरानी मशीनरी के कारण आवश्यक तापमान बनाए रखने में कठिनाई हो रही थी। उन्होंने कहा कि अब नई मशीनें खरीद ली गई हैं, जो 8 डिग्री सेल्सियस का आवश्यक तापमान बनाए रखेंगी। सभी सुधारों का अनुपालन रिपोर्ट FDA को सौंपकर निलंबन हटाने का प्रयास किया जाएगा।


निजी एजेंसियों को रक्त स्थानांतरित करने के आरोप पर अधिकारी ने कहा कि संबंधित सभी दस्तावेज FDA को उपलब्ध करा दिए गए हैं और यह प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में ब्लड बैंक में लगभग 500 यूनिट रक्त उपलब्ध है, लेकिन लाइसेंस निलंबित होने के कारण जरूरतमंद मरीजों को जारी नहीं किया जा सकता।


इसी कार्रवाई के तहत FDA ने भिवंडी स्थित माया ब्लड बैंक का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया है। बदलापुर स्थित परिसर के निरीक्षण में रक्तदान शिविरों के रिकॉर्ड का अभाव, रक्त की ट्रेसबिलिटी न होना, आवश्यक तकनीकी स्टाफ और ब्लड ट्रांसफ्यूजन अधिकारियों की अनुपस्थिति, उपकरणों के प्रमाणन की अवधि समाप्त होना, गुणवत्ता जांच में कमी तथा बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।


FDA ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई ब्लड बैंकों में कथित अनियमितताओं और रिकॉर्ड में गड़बड़ियों संबंधी शिकायतें मिलने के बाद की गई है।

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