मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई की बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Adani Energy Solutions Ltd (AESL) ने 1,000 मेगावाट क्षमता वाली हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) ट्रांसमिशन लिंक शुरू कर दी है। यह परियोजना शहर में स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति बढ़ाने और बिजली नेटवर्क की विश्वसनीयता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।


यह प्रोजेक्ट AESL की सहायक कंपनी Adani Electricity Mumbai Infrastructure Limited (AEMIL) द्वारा विकसित किया गया है, जो कुडुस से आरे तक जुड़ा हुआ है। इसमें 30 किलोमीटर लंबी ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन और 50 किलोमीटर लंबा भूमिगत कॉरिडोर शामिल है, जिसे मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्र को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
कंपनी के अनुसार, इस परियोजना में दुनिया का पहला कॉम्पैक्ट HVDC सबस्टेशन बनाया गया है, जो खासतौर पर सीमित जगह वाले महानगरों के लिए डिजाइन किया गया है।
यह ट्रांसमिशन लिंक Mumbai Power Outage 2020 के बाद तैयार की गई, जब शहर की बिजली व्यवस्था की कमजोरियां उजागर हुई थीं। नई 1,000 मेगावाट क्षमता से न केवल ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि बिजली कटौती के जोखिम में भी कमी आएगी और शहर के भीतर बिजली उत्पादन पर निर्भरता घटेगी।
इस HVDC लिंक के जरिए मुंबई अब बाहरी क्षेत्रों से, खासकर नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से, अधिक बिजली प्राप्त कर सकेगा। इससे बढ़ती बिजली मांग के बीच मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव भी कम होगा।
इस परियोजना में वोल्टेज सोर्स कन्वर्टर (VSC) आधारित HVDC तकनीक का उपयोग किया गया है, जो बिजली प्रवाह को अधिक तेज और सटीक तरीके से नियंत्रित करने, वोल्टेज स्थिरता बनाए रखने और ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद करती है। साथ ही इसमें ब्लैक-स्टार्ट क्षमता भी है, जिससे बड़े आउटेज के दौरान बिना बाहरी सहायता के बिजली बहाल की जा सकती है।
AESL के CEO कंदर्प पटेल ने कहा कि यह ट्रांसमिशन कॉरिडोर मुंबई को एक आधुनिक और भरोसेमंद बिजली नेटवर्क प्रदान करेगा, जो बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा को जोड़ने में सक्षम है और शहर की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।
कुडुस–आरे HVDC लिंक दुनिया के सबसे बड़े शहरी HVDC प्रोजेक्ट्स में से एक है और यह मुंबई को स्वच्छ और सुदृढ़ ऊर्जा प्रणाली की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


