मुंबई वार्ता संवाददाता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मुंबई में बढ़ते अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों पर लगाम कसने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी प्रणाली लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बीएमसी सदन ने सोमवार को पार्षद तेजिंदरसिंह तिवाना द्वारा नियम 59 के तहत प्रस्तुत प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।


प्रस्ताव के अनुसार, अब अवैध निर्माणों की पहचान के लिए केवल पारंपरिक निरीक्षण पर निर्भर रहने के बजाय AI, ड्रोन सर्वेक्षण, सैटेलाइट इमेजरी, भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS), रिमोट सेंसिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे नए अवैध निर्माण, अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण और भवनों में किए गए अवैध संरचनात्मक बदलाव शुरुआती स्तर पर ही चिन्हित किए जा सकेंगे।


सदन में कहा गया कि अनियंत्रित अवैध निर्माणों का असर शहर की योजना, सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और पर्यावरण पर पड़ रहा है। इसलिए आधुनिक तकनीक के माध्यम से निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई की व्यवस्था आवश्यक है।


प्रस्ताव में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए जीपीएस आधारित मोबाइल ऐप और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल शुरू करने की भी सिफारिश की गई है। इसके माध्यम से लोग जियो-टैग की गई शिकायत दर्ज कर सकेंगे, जिससे संबंधित अधिकारियों को सटीक स्थान की जानकारी तुरंत मिल जाएगी और कार्रवाई में तेजी आएगी।
बीएमसी सदन ने प्रशासन को AI आधारित अवैध निर्माण पहचान प्रणाली विकसित करने, नियमित ड्रोन और सैटेलाइट सर्वेक्षण कराने, डिजिटल शिकायत प्रणाली शुरू करने तथा तय समय सीमा में कार्ययोजना तैयार कर उसकी अनुपालन रिपोर्ट सदन के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश देने को मंजूरी दी है।
पार्षद तेजिंदरसिंह तिवाना ने कहा कि इस निर्णय से मुंबई में तकनीक आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में महानगरपालिका को बड़ी मदद मिलेगी।


