श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई में बढ़ती यातायात समस्या को कम करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को शहर के पांच बंद पड़े ऑक्ट्रॉय नाकों के पुनर्विकास का निर्देश दिया है। इन स्थानों को अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे लंबी दूरी की निजी बसों को मुंबई के भीतर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।


वर्तमान में मुंबई में दहिसर, मुलुंड के ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, एलबीएस मार्ग (मुलुंड), ऐरोली और मानखुर्द स्थित पांच ऑक्ट्रॉय नाके बंद पड़े हैं। वर्ष 2017 में जीएसटी लागू होने से पहले इन नाकों पर शहर में आने वाले व्यावसायिक वाहनों से ऑक्ट्रॉय वसूला जाता था। उस समय ऑक्ट्रॉय बीएमसी की आय का एक प्रमुख स्रोत था, जिससे हर साल लगभग 6,500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था।
शुक्रवार को मुंबई के सार्वजनिक परिवहन ढांचे के आधुनिकीकरण की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यदि लंबी दूरी के यात्रियों के लिए इन स्थानों पर ही चढ़ने-उतरने की व्यवस्था की जाए तो निजी बसों को दादर, सायन, चुनाभट्टी और मध्य मुंबई के अन्य हिस्सों तक आने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे शहर के भीतर ट्रैफिक जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी।
बैठक में बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया, जबकि BEST की महाप्रबंधक सोनिया सेठी ने बेस्ट डिपो और संपत्तियों के पुनर्विकास की योजनाओं की जानकारी दी।
प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट हब में टिकट बुकिंग काउंटर, प्रतीक्षालय, पार्किंग सुविधा और यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा इन हब्स को मेट्रो, बस और निजी वाहनों से जोड़कर बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी।
योजना के तहत इन परिसरों में व्यावसायिक और मनोरंजन सुविधाएं भी विकसित की जा सकती हैं, जिनमें शॉपिंग मॉल, फूड कोर्ट, रेस्तरां, होटल, बैंक्वेट हॉल और ऑडिटोरियम शामिल होंगे। इससे ये परिसर केवल परिवहन केंद्र ही नहीं, बल्कि आधुनिक व्यावसायिक और नागरिक सुविधाओं से युक्त बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित होंगे।


