मुंबई वार्ता संवाददाता

शिवाजी पार्क में 22 जुलाई को प्रदर्शनकारियों को ले जा रही पुलिस वैन के सामने खड़ी होकर सोशल मीडिया पर चर्चा में आईं मुंबई की मॉडल रिया यादव (रिया अहीर) ने अब महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल में ऑनलाइन उत्पीड़न, ट्रोलिंग और मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है।


27 वर्षीय रिया ने शनिवार को साइबर सेल को लिखित शिकायत सौंपी। वह सोमवार को एक वरिष्ठ साइबर अधिकारी से मुलाकात कर सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करेंगी।
रिया का आरोप है कि 22 जुलाई की घटना के बाद से उन्हें लगातार अभद्र टिप्पणियों, बुलिंग और ‘स्लट-शेमिंग’ का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह उत्पीड़न सोशल मीडिया तक सीमित है, लेकिन उन्हें आशंका है कि यह आगे और गंभीर रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि इस पूरे मामले का असर उनके माता-पिता पर पड़े।
रिया ने कहा कि 22 जुलाई को उन्होंने नागरिकों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई थी और अब अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए खुद खड़ा होना जरूरी हो गया है। उनका कहना है कि यदि इस तरह के ऑनलाइन हमलों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह दूसरों के लिए भी गलत संदेश होगा।
रिया के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर भ्रामक अभियान शुरू हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने उन्हें झूठा तौर पर एडल्ट कंटेंट क्रिएटर बताया और दावा किया कि वह इंस्टाग्राम अकाउंट @rhiyaahir के जरिए अश्लील सामग्री बेचती हैं।
कुछ लोगों ने उनकी बिकिनी तस्वीरों को धुंधला कर वीडियो में दिखाते हुए उन्हें “एक्सक्लूसिव पोर्नोग्राफिक कंटेंट” से जोड़ने का आरोप लगाया।
रिया ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह दावा भी गलत है कि वह सब्सक्रिप्शन के जरिए लाखों रुपये कमाती हैं। उनके अनुसार, उनका बैंक खाता किसी भी सब्सक्रिप्शन सेवा से जुड़ा ही नहीं है और उन्होंने कभी इस तरह की सामग्री से कमाई नहीं की।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उनके खिलाफ मॉर्फ्ड तस्वीरें फैलाकर उन्हें और बदनाम करने की कोशिश की जा सकती है। रिया ने कहा कि महिलाओं के पहनावे के आधार पर उनके चरित्र पर सवाल उठाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह पूरा अनुभव उनके लिए मानसिक रूप से बेहद परेशान करने वाला रहा है।
रिया ने शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि उन्हें अपनी पूरी आपबीती साइबर सेल के तीन अलग-अलग अधिकारियों को बार-बार बतानी पड़ी, जो उनके लिए बेहद कष्टदायक रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि उनका बयान एक ही बार में क्यों दर्ज नहीं किया गया।
रिया का आरोप है कि समय पर कार्रवाई नहीं होने से ऑनलाइन ट्रोल्स का मनोबल बढ़ रहा है और उन्हें लगता है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
वहीं, रिया के पिता राजकुमार यादव ने कहा कि उन्हें अंदेशा था कि उनकी बेटी के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद कुछ प्रतिक्रिया होगी, लेकिन जिस स्तर पर उसे ऑनलाइन प्रताड़ित किया जा रहा है, वह बिल्कुल अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि परिवार अपनी बेटी के साथ मजबूती से खड़ा है।


