मुंबई वार्ता संवाददाता

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने मुंबई में दो अलग-अलग अभियानों के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए दो विदेशी महिलाओं को करीब 2 किलोग्राम सिंथेटिक मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया है। वहीं, एक अन्य कार्रवाई में नावा शेवा बंदरगाह पर गलत घोषणा (मिस-डिक्लेरेशन) के जरिए आयात किए जा रहे 9,230 प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (ई-सिगरेट) भी जब्त किए गए हैं।


डीआरआई अधिकारियों को मिली विशेष खुफिया सूचना के आधार पर दिल्ली से मुंबई पहुंचे दोनों विदेशी यात्रियों को रोका गया। उनके सामान की गहन तलाशी लेने पर बैगों में विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त खांचों (कैविटी) से एम्फेटामिन क्रिस्टल और एमडीएमए (MDMA) टैबलेट बरामद किए गए। तस्करों ने इन नशीले पदार्थों को जांच एजेंसियों की नजर से बचाने के लिए बेहद सुनियोजित तरीके से छिपाया था।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई खेप में उच्च गुणवत्ता वाले सिंथेटिक उत्तेजक (स्टिमुलेंट) मादक पदार्थ शामिल हैं, जिन्हें मुंबई में स्थानीय स्तर पर सप्लाई किए जाने की आशंका है। दोनों महिलाओं के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
डीआरआई अब इस अंतरराज्यीय और संभावित अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसी दिल्ली में इन मादक पदार्थों के स्रोत और मुंबई में इनके संभावित खरीदारों एवं नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
■ नावा शेवा पोर्ट पर 9,230 प्रतिबंधित ई-सिगरेट जब्त
एक अन्य अभियान में डीआरआई मुंबई ने नावा शेवा बंदरगाह पर एक आयातित कंटेनर को रोका, जिसे दस्तावेजों में एलईडी लाइट और फिटिंग्स घोषित किया गया था। जांच के दौरान घोषित सामान के नीचे विभिन्न प्रीमियम ब्रांड और फ्लेवर की 9,230 इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट छिपाकर रखी गई थीं।
डीआरआई ने अवैध ई-सिगरेट और उन्हें छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए कवर कार्गो सहित पूरे कंसाइनमेंट को जब्त कर लिया। जब्त माल की कुल अनुमानित कीमत करीब 3.70 करोड़ रुपये बताई गई है।
गौरतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम के तहत भारत में ई-सिगरेट का उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन पूरी तरह प्रतिबंधित है। सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
डीआरआई का कहना है कि दोनों मामलों में जांच जारी है और तस्करी के पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।


