■ कस्तूरबा मार्ग पुलिस की कुशल कार्रवाई, दोनों आरोपी महिलाएं लंबे समय से पुलिस को दे रही थीं चकमा; मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मामले दर्ज।
मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री करने वाली दो शातिर महिलाओं को कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने कुशलतापूर्वक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार की गई दोनों महिलाएं आपस में सास-बहू हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाएं पिछले कुछ दिनों से लगातार अपने रहने के ठिकाने बदल रही थीं और जांच एजेंसियों को चकमा देकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रही थीं।


पुलिस के मुताबिक, इस मामले में कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 619/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता नहीं, बल्कि स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की धारा 8(सी), 21(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी महिलाओं की पहचान रेहाना अब्दुल हमीद मुलानी उर्फ रैलीअप्पा (60) और फरीदा मुलानी (32) के रूप में हुई है। दोनों बोरीवली पूर्व स्थित संतोष नगर, दौलत नगर झोपड़पट्टी, आर.टी. गली नंबर 3 की रहने वाली हैं।


मामला दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गई थीं, जिसके चलते पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।2 नवंबर 2026 को मामले की जांच के सिलसिले में सहायक पुलिस निरीक्षक युवराज इनामदार, पुलिस उपनिरीक्षक बारगजे, महिला पुलिस कांस्टेबल दाते और पुलिस टीम को आरोपियों की तलाश में रवाना किया गया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दोनों महिलाएं दहिसर पश्चिम के दहिसर मार्केट स्थित एस.एच. रोड पर नवजीवन एसआरए बिल्डिंग में रह रही हैं।


सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संबंधित इमारत की जांच की। इस दौरान सातवीं मंजिल पर स्थित एक कमरे में दोनों महिलाएं एक साथ मिलीं। पुलिस ने उनसे दर्ज मामले के संबंध में पूछताछ की तो उन्होंने टालमटोल वाले जवाब दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने दर्ज अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने मामले में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 29 भी जोड़ दी।पुलिस के अनुसार, आरोपी रेहाना अब्दुल हमीद मुलानी के खिलाफ पहले से कुल 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें नशीले पदार्थों की बिक्री के चार, शरीर के खिलाफ अपराध के पांच, लोकसेवक के साथ मारपीट के दो, दंगा करने के तीन और संपत्ति से संबंधित तीन मामले शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि दोनों महिलाएं सास-बहू हैं और पिछले कुछ दिनों से अपनी पहचान तथा ठिकाने छिपाने के लिए बार-बार रहने की जगह बदल रही थीं। इस दौरान वे पुलिस की जांच से बचते हुए लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल थीं।
अपर पुलिस आयुक्त, उत्तर प्रादेशिक विभाग, मुंबई शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त, उत्तर परिमंडल-3, मुंबई गजानन शिवलिंग राजमाने तथा सहायक पुलिस आयुक्त, दहिसर विभाग, जय राज रणवरे के मार्गदर्शन में कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस की इस कार्रवाई से नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री में शामिल दोनों आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।


