श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई सहित राज्य के अन्य महानगरों में नौकरी और व्यवसाय के लिए आने वाले लोगों को अब सस्ते किराए पर घर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने अधिकारियों को किफायती रेंटल हाउसिंग के लिए एक मजबूत और पारदर्शी सिस्टम तैयार कर उसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, नागरिकों की सुविधा के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने को भी कहा गया है।


शुक्रवार को सह्याद्री स्टेट गेस्ट हाउस में महाराष्ट्र सरकार की रेंटल हाउसिंग पॉलिसी की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग रोजगार और व्यवसाय के अवसरों के लिए मुंबई जैसे शहरों में आते हैं, ऐसे में उनके लिए सस्ती और सुलभ आवास व्यवस्था बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने हाउसिंग विभाग को निर्देश दिया कि मांग और आपूर्ति के सिद्धांत के आधार पर किराए के घर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि किरायेदारी से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं वैध एग्रीमेंट के तहत ही हों, जिससे मकान मालिक और किराएदार दोनों को सुरक्षा और पारदर्शिता मिल सके।
बैठक में हाउसिंग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती और गृह विभाग के प्रमुख सचिव अनूप कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रेंट कंट्रोल एक्ट के तहत पुलिस उपायुक्त की नियुक्ति का निर्देश
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल ऐक्ट, 1999 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस उपायुक्त (DCP) की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से किराए से जुड़े मामलों में बेहतर समन्वय होगा और विवादों का समाधान तेज़ी से हो सकेगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जैसे-जैसे पुलिस स्टेशन या पुलिस क्षेत्र का विस्तार होगा, उसी के अनुरूप संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति स्वतः बढ़ाई जाए। इसके लिए आवश्यक अधिसूचना जारी करने को कहा गया है।
सरकार का मानना है कि इस नई प्रणाली के लागू होने से न केवल आवास संकट में कमी आएगी, बल्कि किराए के बाजार में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा।


