मुंबई वार्ता संवाददाता

अवैध प्रवासियों के खिलाफ जारी अभियान के तहत मुंबई पुलिस ने अंधेरी स्थित एमआईडीसी क्षेत्र से सात बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये सभी बिना वैध दस्तावेजों के पिछले लगभग 15 वर्षों से भारत में रह रहे थे।


पुलिस को क्षेत्र में काम की तलाश में आने वाले संदिग्ध विदेशी नागरिकों के बारे में विशेष खुफिया सूचना मिली थी। इसके आधार पर एमआईडीसी पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपियों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में चार पुरुष, दो महिलाएं और एक नाबालिग लड़का शामिल है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे और पिछले डेढ़ दशक से मुंबई में रहकर पहचान छिपाते हुए अधिकारियों की नजरों से बचते रहे। पुलिस के अनुसार, ये लोग फोन के जरिए बांग्लादेश में अपने रिश्तेदारों और परिचितों के लगातार संपर्क में थे।
पुलिस ने आरोपियों की पृष्ठभूमि, गतिविधियों और संपर्कों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही उन लोगों की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने उन्हें भारत में प्रवेश कराने, रहने की व्यवस्था करने या रोजगार दिलाने में मदद की हो सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और पूछताछ के दौरान और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र पुलिस राज्यभर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है।
हाल के महीनों में विभिन्न शहरों में खुफिया सूचनाओं के आधार पर कई अभियान और सत्यापन अभियान चलाकर बिना वैध अनुमति के रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान की जा रही है।


