मुंबई में 27 अक्टूबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस, 19.20 लाख बच्चों को दी जाएगी कृमिनाशक गोली।

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■ 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को स्कूलों और आंगनवाड़ियों में मिलेगी दवा; 3 नवंबर को छूटे हुए बच्चों को दोबारा दिया जाएगा मौका।

मुंबई वार्ता संवाददाता

बच्चों को पेट के कीड़ों से होने वाली समस्याओं से बचाने और रक्ताल्पता (एनीमिया) का खतरा कम करने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से मंगलवार, 27 अक्टूबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में कुल 19 लाख 20 हजार 15 बच्चों को कृमिनाशक गोलियां देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए पूरे महानगरपालिका क्षेत्र में आवश्यक तैयारियां की हैं।

महानगरपालिका के अनुसार, इस अभियान के तहत 1 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोर-किशोरियों को स्कूलों तथा आंगनवाड़ियों में कृमिनाशक दवा दी जाएगी। अभियान के संचालन के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों, आशा सेविकाओं और आंगनवाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि बच्चों को निर्धारित तरीके से दवा दी जा सके।

■ एनीमिया का खतरा कम करने में मिलेगी मदद

बीएमसी के अनुसार, पेट में कीड़ों का संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने और रक्ताल्पता का खतरा बढ़ सकता है। कृमिनाशक दवा देने से पेट के कीड़ों के संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इससे बच्चों की शारीरिक वृद्धि और मानसिक विकास को बेहतर बनाने में भी सहायता मिलती है।महानगरपालिका ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान अपने बच्चों को कृमिनाशक दवा अवश्य दिलवाएं। साथ ही, दवा देने के निर्धारित तरीके का पालन करें। बीएमसी ने बताया कि गोली को चबाकर खाना चाहिए और उसके बाद साफ पानी पीना चाहिए।

■ 3 नवंबर को छूटे हुए बच्चों को मिलेगा एक और मौका

महानगरपालिका ने उन बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है, जिन्हें किसी कारणवश 27 अक्टूबर को कृमिनाशक गोली नहीं मिल पाएगी। ऐसे बच्चों को 3 नवंबर 2026 को दोबारा दवा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।बीएमसी ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे पहले दिन यह सुनिश्चित करें कि उनके बच्चों को दवा मिली है या नहीं। यदि किसी बच्चे को 27 अक्टूबर को गोली नहीं मिलती है, तो अभिभावक संबंधित स्कूल, आंगनवाड़ी या स्वास्थ्य कर्मचारी से संपर्क कर 3 नवंबर को दवा दिलवाने की व्यवस्था करें।

महानगरपालिका के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को कृमिनाशक दवा उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना और कृमि संक्रमण से होने वाली समस्याओं को कम करना है। इसके लिए अभिभावकों, स्कूलों, आंगनवाड़ियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया है।

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