श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की कक्ष-9 की टीम ने व्यवसायी से 80 लाख रुपये की रंगदारी लेने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मंछिद्र पस्ते और वैभव हराड के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से चार मोबाइल फोन और रंगदारी के लेन-देन में स्वीकार की गई 30 लाख रुपये की रकम से भरा बैग जब्त किया है।


पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता पालघर जिले में पत्थर खदान का व्यवसाय करने के लिए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया में था। आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) उपलब्ध कराने के नाम पर उससे शुरुआत में 40 लाख रुपये की रंगदारी वसूली थी। इसके बाद व्यवसाय शुरू करने के लिए आरोपियों ने उससे दोबारा 80 लाख रुपये की मांग की। साथ ही, रकम नहीं देने पर फिरौती और जान से मारने की धमकी देकर दबाव बनाया।
इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद मुंबई अपराध शाखा की कक्ष-9 की टीम ने जांच शुरू की।शिकायत के आधार पर अपराध शाखा की टीम ने 15 अक्टूबर 2026 को अंधेरी पश्चिम, मुंबई में जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रंगदारी की रकम स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और 30 लाख रुपये की नकदी से भरा बैग बरामद किया गया।इस मामले में अंबोली पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(5), 351(3), 61(2) और 3(5) के साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 3 और 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच अपराध शाखा की कक्ष-9 द्वारा की जा रही है।
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त (प्रकटीकरण-1) नवनाथ ढवले और पूर्वी क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त धर्मपाल बनसोडे के मार्गदर्शन में की गई।
इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच 9 के पुलिस निरीक्षक सचिन पराणिक, सहायक पुलिस निरीक्षक जयदीप जाधव, पुलिस उपनिरीक्षक कल्याण पाटील, सहायक पुलिस निरीक्षक सुनील म्हात्रेसांक, पुलिस हवलदार राहुल पवार, पुलिस उपनिरीक्षक रविंद्र वाघमारे और पुलिस हवलदार पुनम जगताप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


