मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई मेट्रो-6 परियोजना की लागत में भारी बढ़ोतरी का खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी से हुआ है। आरटीआई कार्यकर्ता Anil Galgali को Delhi Metro Rail Corporation (डीएमआरसी) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मुंबई मेट्रो लाइन-6 परियोजना की लागत में ₹441.79 करोड़ की वृद्धि हुई है।


15.31 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड Mumbai Metro Line 6 कॉरिडोर स्वामी समर्थ नगर से विक्रोली (ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे) तक विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के मुख्य निर्माण कार्य का ठेका वर्ष 2018 में दिया गया था।


मूल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार, मेट्रो लाइन-6 का कार्य 31 मार्च 2021 तक पूरा होना था और 1 अप्रैल 2021 से मेट्रो सेवा शुरू होने की उम्मीद थी। हालांकि, परियोजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
डीएमआरसी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मेट्रो लाइन-6 के विभिन्न कॉरिडोर पैकेज अलग-अलग कंपनियों को आवंटित किए गए हैं। इसमें पवई लेक से विक्रोली (ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे) तक का BC-01R1 पैकेज J Kumar Infraprojects Ltd. को दिया गया है। वहीं महाकाली गुफा से पवई लेक तक का BC-02R कॉरिडोर MBZ-EIII JV को तथा स्वामी समर्थ नगर से श्याम नगर तक का BC-03 पैकेज J Kumar-CRTG JV को सौंपा गया है।
जानकारी के अनुसार, परियोजना की मूल स्वीकृत लागत ₹1,684.95 करोड़ थी। लेकिन विभिन्न बदलावों और अतिरिक्त कार्यों के कारण संशोधित लागत बढ़कर ₹2,126.74 करोड़ हो गई है।
लागत बढ़ने के प्रमुख कारणों में स्टेशन डिजाइन में बदलाव, सुपर स्ट्रक्चर, एंट्री-एग्जिट संरचनाओं में संशोधन, भूमि उपलब्धता, तकनीकी आवश्यकताएं और वायाडक्ट डिजाइन में परिवर्तन शामिल हैं। इसके अलावा Brihanmumbai Municipal Corporation द्वारा भी कई अतिरिक्त कार्य परियोजना में जोड़े गए।
इन अतिरिक्त कार्यों में जोगेश्वरी स्थित माजास नाले पर दो वाहन पुलों का निर्माण, आदर्श नगर से जोगेश्वरी सड़क कार्य तथा जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) जंक्शन सुधार कार्य शामिल हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने परियोजना की बढ़ी हुई लागत, देरी और डिजाइन परिवर्तनों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का उपयोग पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से होना चाहिए।


