मुंबई वार्ता/ श्रीश उपाध्याय

मुंबई की उपनगरीय रेलवे में यात्री क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पश्चिम रेलवे 18-कोच लोकल ट्रेनों के संचालन से पहले इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (EBD) और कपलर फोर्स के अनिवार्य सुरक्षा ट्रायल 14 और 15 जनवरी को विरार–दहानू रोड सेक्शन पर करेगी।इन ट्रायल्स में दो तरह की 18-कोच ईएमयू रेक शामिल होंगी।


बॉम्बार्डियर क्लास रेक का परीक्षण 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक किया जाएगा, जबकि मेधा इलेक्ट्रिकल्स सिस्टम वाली रेक का ट्रायल 105 किमी प्रति घंटे तक होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, EBD ट्रायल से आपात स्थिति में ट्रेन के रुकने की दूरी का आकलन किया जाता है, वहीं कपलर फोर्स टेस्ट में ब्रेकिंग के दौरान कोचों के बीच पड़ने वाले बल को मापा जाता है। लंबी और भारी 18-कोच ट्रेनों के लिए ये दोनों परीक्षण सुरक्षा मंजूरी के लिहाज से बेहद जरूरी हैं।विरार–दहानू सेक्शन को इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां कम हस्तक्षेप के साथ लगातार उच्च गति पर ट्रायल संभव है।
पश्चिम रेलवे को रेक की पूरी तैयारी और वास्तविक परिचालन जैसी लोडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ट्रायल के नतीजे जमीनी हालात को सही ढंग से दर्शा सकें।रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रायल्स के नतीजे भविष्य में पश्चिम रेलवे पर 18-कोच एसी लोकल ट्रेनों की तैनाती की दिशा तय करेंगे।
पीक आवर्स में भारी भीड़ से जूझ रहे मुंबईकरों के लिए यह पहल बड़ी राहत मानी जा रही है। दोनों—बॉम्बार्डियर और मेधा—सिस्टम के समानांतर परीक्षण से उपनगरीय रेल तकनीक के भविष्य को लेकर अहम तुलनात्मक आंकड़े भी मिलेंगे।


