मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

‘ऑपरेशन गोल्डन स्वीप’ के तहत, राजस्व खुफिया निदेशालय ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तेरह लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें छह श्रीलंकाई, दो बांग्लादेशी, दो हवाई अड्डे के कर्मचारी, दो संचालक और मुख्य आरोपी शामिल हैं। अधिकारियों ने इनके पास से १२ करोड़ ५८ लाख रुपये मूल्य का १० किलो ४४८ ग्राम सोना ज़ब्त किया है।


इन यात्रियों और कर्मचारियों के नाम संतोष विनोद कनौजिया, राहुल सुभाष जाधव, मोहम्मद रिमशान मोहम्मद रफीक, अनिल गुरुशांत अरमान, मोहम्मद कमाल हुसैन, मोहम्मद साजिथ मोहम्मद शालीहीन, महफूज आलम, मोहम्मद राशिद मोहम्मद निजार, मोहम्मद इफ्तिखार मोहम्मद जौफर, सैनुल इनाफ सैनुल इब्राहिम, मोहिदीन रिजलान सराफुल अनम हैं।
डीआरआई अधिकारियों को सूचना मिली थी कि सोने की तस्करी में एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह शामिल है और इस गिरोह के आरोपी हवाई अड्डे के कर्मचारियों की मदद से सोने की तस्करी कर रहे हैं। इसलिए, अधिकारियों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए ‘ऑपरेशन गोल्डन स्वीप’ अभियान के तहत एक अभियान शुरू किया।
इस दौरान, अधिकारियों ने विदेश से आए छह श्रीलंकाई और दो बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। वे विदेश से बड़ी मात्रा में सोना लेकर आए थे। पता चला कि उन्होंने सोना हवाई अड्डे के दो कर्मचारियों को दिया था, जिन्होंने इसे दो संचालकों और मुख्य आरोपी रिसीवर को दे दिया। इसके बाद, अधिकारियों ने उन सभी को हवाई अड्डे परिसर से गिरफ्तार कर लिया।इस अभियान में, अधिकारियों ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 10 किलो 448 ग्राम सोना ज़ब्त किया गया, जिसकी कीमत १२ करोड़ ५८ लाख रुपये है। गिरफ्तारी के बाद, इन्हें शनिवार दोपहर किला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने इन्हें चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जांच में पता चला है कि यह सोने की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह है। यह गिरोह दुबई, सिंगापुर, बैंकॉक और ढाका से सोना मुंबई लाता था। फिर हवाई अड्डे के कर्मचारियों की मदद से सोने को हवाई अड्डे से बाहर भेज दिया जाता था।



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