मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के आधिकारिक सरकारी बंगलों पर खानपान (कैटरिंग) सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 9.85 करोड़ रुपये का ठेका मंजूर किया है। यह ठेका सरकारी निवासों पर आयोजित होने वाली आधिकारिक बैठकों, सरकारी कार्यक्रमों, अतिथियों के स्वागत तथा वीआईपी मेहमानों के लिए भोजन एवं जलपान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है।


सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, यह अनुबंध निर्धारित अवधि तक कैटरिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए है। इसके तहत नाश्ता, दोपहर और रात्रि भोजन, चाय-नाश्ता तथा विभिन्न आधिकारिक आयोजनों में खानपान की व्यवस्था की जाएगी।
इस निर्णय के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। विपक्ष ने सरकारी खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि यह नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार आधिकारिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए ऐसी व्यवस्थाएं आवश्यक होती हैं।
सरकार का कहना है कि सभी खर्च निर्धारित नियमों और निविदा प्रक्रिया के तहत किए जा रहे हैं तथा कैटरिंग सेवाओं के लिए जारी किया गया यह ठेका पूरी तरह प्रशासनिक आवश्यकता के अनुरूप है।


