■ झीनत शबरीन के नेतृत्व में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के पास प्रदर्शन।
मुंबई वार्ता संवाददाता

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई पर एक सिरफिरे व्यक्ति ने अदालत के अंदर हमला करने का प्रयास करते हुए नारेबाजी की थी। मनुवादी मानसिकता से देश की न्याय व्यवस्था और संविधान पर किया गया यह हमला था। इस हमले के विरोध में शुक्रवार शाम मंत्रालय के पास भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के पास मुंबई युवा कांग्रेस की अध्यक्ष झीनत शबरीन के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर हमले की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी पर कार्रवाई की मांग की।


मुख्य न्यायाधीश देश की न्याय व्यवस्था के प्रमुख होते हैं। न्यायालय के भीतर उन पर हमला होना संविधान और लोकतंत्र पर सीधा हमला है। हमलावर वकील मनुवादी विचारधारा का अनुयायी है, जो हमले के बाद भी लगातार संविधान-विरोधी बयान दे रहा है। इस सिरफिरे हमलावर के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश की लहर फैल गई है और हर स्तर पर उसकी निंदा की जा रही है।


शुक्रवार को युवा कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मंत्रालय के पास स्थित भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के सामने आरएसएस स्वयंसेवक के प्रतीकात्मक पुतले को जूते मारकर इस हमले का विरोध करते हुए तीव्र आंदोलन किया। पुलिस ने हमें हिरासत में लिया और हम पर मामले दर्ज किए हैं। लेकिन संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम संघर्ष जारी रखेंगे, ऐसा झीनत शबरीन ने इस अवसर पर कहा।
मुंबई युवा कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित होने के बाद शुक्रवार को जीनत शबरीन का मुंबई में युवा कांग्रेस की ओर से भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे से एक विशाल रैली निकालकर उन्होंने गेटवे ऑफ इंडिया पर छत्रपति शिवाजी महाराज, कफ परेड पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अभिवादन किया।


