■ मृतक के परिजनों को 5 लाख की सरकारी मदद।
मुंबई वार्ता संवाददाता

मुलुंड (पश्चिम) के एलबीएस रोड पर निर्माणाधीन मेट्रो ट्रेन पुल का एक हिस्सा शनिवार दोपहर अचानक गिर गया। यह हादसा जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के पास हुआ।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगभग 6×4 फीट के पैरापेट वॉल का यह हिस्सा चलते हुए ऑटो रिक्शा (MH-04-MP-1434) और प्राइवेट कार (SKODA WB-04-AS-1652) पर गिरा।


घायलों की जानकारी:
1. रामधान यादव, पुरुष – घटनास्थल पर मृत पाए गए।
2. राजकुमार इंद्रजीत यादव, 45 वर्ष, पुरुष – आईसीयू में, हालत गंभीर।
3. महेंद्र प्रताप यादव, 52 वर्ष, पुरुष – अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर।
4. दीपा रूहिया, 40 वर्ष, महिला – अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर।


मुंबई फायर ब्रिगेड (एमएफबी) ने हादसे की सूचना शनिवार दोपहर 12:20 बजे दी।पुल निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों और निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।
इसी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंबई कॉंग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि ,”मुंबईकरों की जान इतनी सस्ती हो गई है क्या? आज दोपहर मुलुंड पश्चिम, एलबीएस रोड पर जॉन्सन एंड जॉन्सन कंपनी के पास मेट्रो के निर्माणाधीन पिलर का हिस्सा गिर गया और बड़ी दुर्घटना हुई। इसमें एक निर्दोष नागरिक की मौत हो गई है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।सरकार और एमएमआरडीए प्रशासन को इस पर कोई जिम्मेदारी नहीं है क्या? सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर को प्रमोट करना, मार्केटिंग करना ठीक है, लेकिन मुंबईकरों की जान को खतरे में डालना कैसे सही है?
उन्होंने कहा कि मेट्रो का काम चल रहा था, लेकिन सुरक्षा नियम केवल कागजों में क्यों थे? जब सड़क पर भीड़ थी, तो नीचे से गुजरने वाली ट्रैफिक के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी? मेट्रो का काम तेजी से हो रहा है, इसे दिखाने के चक्कर में गुणवत्ता और तकनीकी सुरक्षा की अनदेखी तो नहीं हो रही?
उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदारी किसकी है? हर बार ऐसी घटना होने पर सिर्फ ‘जांच’ का नाटक क्यों किया जाता है। जिम्मेदारी कौन उठाएगा?विकास चाहिए, लेकिन मुंबईकरों की जान पर चलकर नहीं।
दुर्घटना में जान गंवाने वाले के परिजनों को 5 लाख की सरकारी मदद राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह बयान नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
प्रशासन ने मेट्रो निर्माण से जुड़े सभी सुरक्षा मानकों की दोबारा जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


