मुंबई वार्ता संवाददाता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा की ओर से 17 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे तक ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने के आह्वान पर महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सपकाळ ने कहा कि मोदी का जन्मदिन भाजपा और उनके लिए भले ही महत्वपूर्ण हो, लेकिन मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में उन्होंने देश के लिए क्या ‘दिये’ जलाए हैं कि उनके जन्मदिन पर दीप जलाए जाएं। उन्होंने मोदी के जन्मदिन को देश के लिए ‘काला दिवस’ बताया।


सपकाळ ने आरोप लगाया कि देश की जनता महंगाई से परेशान है, लाखों युवा बेरोजगार हैं, किसान संकट में हैं और विद्यार्थी पेपर लीक से परेशान हैं। छोटे और मध्यम व्यापारी भी करों के बोझ से त्रस्त हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में समाज का कोई भी वर्ग सरकार के काम से संतुष्ट नहीं है। सपकाळ ने मोदी पर गुजरात के बाद पूरे देश को पीछे ले जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके अनुसार देश 25 वर्ष पीछे चला गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रुपये की स्थिति कमजोर हुई है और देश पर कर्ज का बोझ बढ़ा है। चीन के मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। साथ ही आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में हिंदू-मुस्लिम मुद्दों के जरिए समाज में विभाजन बढ़ाने का काम हुआ। ये सभी सपकाळ के राजनीतिक आरोप हैं।
■ तत्काल सूखा घोषित करने की मांग
सपकाळ ने महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति का दावा करते हुए कहा कि बारिश की कमी के कारण खरीफ फसल प्रभावित हुई है और खेतों में फसलें सूख गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार की मंत्रिमंडल बैठक में किसानों की मदद को लेकर ठोस फैसला नहीं लिया गया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार से तत्काल सूखा घोषित कर किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता देने की मांग की।
उन्होंने राज्य सरकार की कर्जमाफी को भी कथित तौर पर ‘फर्जी’ बताया और किसान आत्महत्याओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
■ फडणवीस को कांग्रेस को सलाह न देने की नसीहत
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को दी गई जिम्मेदारियों को लेकर देवेंद्र फडणवीस की टिप्पणी पर भी सपकाळ ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी को और कौन-सी जिम्मेदारी देनी है, यह कांग्रेस पार्टी तय करेगी। उन्होंने फडणवीस से कांग्रेस को सलाह देने के बजाय भाजपा पर ध्यान देने को कहा।
■ मराठा आरक्षण पर सरकार की भूमिका पर सवाल
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सपकाळ ने सरकार की भूमिका को ‘आड़मुठी’ यानी हठधर्मी बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से आंदोलन चल रहा है और सभी समाजों से संवाद करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है।
सपकाळ ने सरकार से मनोज जरांगे को दिए गए आश्वासनों को सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जातिवार जनगणना में जाति का कॉलम शामिल करने और आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा बढ़ाने के पक्ष में है।
UPI शुल्क को लेकर भी केंद्र पर निशाना
यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर भी सपकाळ ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा व्यापारी-भुगतान वाले UPI लेनदेन पर MDR लागू होगा। हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सरकार द्वारा लगाया गया कर नहीं है और सामान्य उपभोक्ताओं के व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI लेनदेन नि:शुल्क रहेंगे। सरकार के अनुसार करीब 96 प्रतिशत व्यापारी लेनदेन भी इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।
सपकाळ ने आरोप लगाया कि यह फैसला अमेरिकी दबाव में लिया गया है और ऑनलाइन लेनदेन पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने विदेशी दबाव के आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि UPI से जुड़े फैसले स्वतंत्र रूप से लिए गए हैं।


