मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के पास कोई ठोस नीति और नियोजन नहीं होने के कारण देश आज गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं यह स्वीकार कर लिया है कि देश कठिन दौर से गुजर रहा है, जो उनकी सरकार की विफलता का प्रमाण है।


वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से भाजपा सरकार केवल चुनाव, प्रचार और समाज में नफरत फैलाने की राजनीति करती रही, जबकि देश की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कोई ठोस तैयारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध का असर भारत पर पड़ेगा, इसकी जानकारी होने के बावजूद केंद्र सरकार ने कोई प्रभावी योजना नहीं बनाई, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है।


उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी करोड़ों रुपये के विशेष विमान और महंगी सुविधाओं का उपयोग करते हैं, विदेश यात्राएं करते हैं, वहीं दूसरी तरफ जनता को पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने, सोना न खरीदने और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की सलाह दे रहे हैं। गायकवाड़ ने कहा कि त्याग और मितव्ययिता की शुरुआत प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों को खुद से करनी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य मंत्रियों को भी प्रधानमंत्री की सलाह का पालन करने की चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें बड़े वाहन काफिलों के बजाय मुंबई, पुणे और नागपुर में मेट्रो, बेस्ट बस और राज्य परिवहन की “लालपरी” बसों से यात्रा करनी चाहिए, ताकि जनता को वास्तविक संदेश मिले।
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि महंगाई से पहले ही परेशान जनता पर अब ईंधन संकट का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। पेट्रोल और डीजल कोई विलासिता नहीं, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय संकट के असर को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन केंद्र सरकार की हठधर्मी और तानाशाही कार्यशैली के कारण जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


